जबलपुर के इतिहास में पहली बार मिला टाइटेनियम और वेनेडियम का बड़ा भंडार, अब होगी ई-नीलामी- Titanium and Vanadium
जबलपुर के इतिहास में पहली बार मिला टाइटेनियम और वेनेडियम का बड़ा भंडार, अब होगी ई-नीलामी- Titanium and Vanadium
जबलपुर के इतिहास में पहली बार मिला टाइटेनियम और वेनेडियम का बड़ा भंडार, अब होगी ई-नीलामी- Titanium and Vanadium
बिजनेस & माइनिंग डेस्क। मध्य प्रदेश के जबलपुर जिले के खनिज इतिहास में एक नया और स्वर्णिम अध्याय जुड़ने जा रहा है। जिले में पहली बार टाइटेनियम (Titanium) और वेनेडियम (Vanadium) जैसे बेहद दुर्लभ और उच्च मूल्य वाले खनिजों का विशाल भंडार मिला है। इस खोज के बाद क्षेत्र में औद्योगिक क्रांति और भारी निवेश की बड़ी संभावनाएं खड़ी हो गई हैं। प्रशासन ने इस क्षेत्र को नए खनिज ब्लॉक के रूप में विकसित करने की कागजी और जमीनी प्रक्रिया भी तेजी से शुरू कर दी है।
मझौली क्षेत्र की 289 हेक्टेयर जमीन उगल रही है ‘सोना’
खनिज विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, जबलपुर के मझौली क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली पोंडा तहसील के दो गांवों—ग्राम धनगवां और हरदुआखुर्द में करीब 289.80 हेक्टेयर के विशाल क्षेत्र में इस अमूल्य खनिज संपदा की मौजूदगी की पुष्टि हुई है। वैज्ञानिक सर्वेक्षण (Scientific Survey) में यह बात सामने आई है कि इस पूरी बेल्ट में उच्च आर्थिक महत्व वाले दुर्लभ खनिज मौजूद हैं।
जल्द होगी ब्लॉक की ‘ई-नीलामी’, राजस्व विभाग से मांगे दस्तावेज
इस महा-खजाने को निकालने और इसके पारदर्शी दोहन के लिए जिला खनिज शाखा एक्शन मोड में आ गई है। खनिज विभाग ने राजस्व विभाग से इन जमीनों के:
- सीमांकन (Demarcation)
- खसरा अभिलेख (Khasra Records)
- भूमि संबंधी अन्य जरूरी दस्तावेज मांगे हैं।
जैसे ही राजस्व विभाग से इन दस्तावेजों का अंतिम सत्यापन (Final Verification) पूरा हो जाएगा, वैसे ही सरकार द्वारा ब्लॉक अधिसूचना (Block Notification) जारी कर इसकी ई-नीलामी (E-Auction) की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।
आखिर क्यों इतने खास हैं ये खनिज? जानिए कहां होता है इनका उपयोग:
वैज्ञानिक सर्वेक्षण के मुताबिक, यहां मिलने वाले खनिजों का देश की रक्षा और औद्योगिक विकास में बहुत बड़ा योगदान है:
- टाइटेनियम (Titanium): इसका उपयोग मुख्य रूप से एयरोस्पेस (अंतरिक्ष विज्ञान), रक्षा क्षेत्र (Defense), एडवांस चिकित्सा उपकरण (Medical Equipment) और रासायनिक उद्योगों में किया जाता है।
- वेनेडियम (Vanadium): यह उच्च गुणवत्ता वाले स्टील (इस्पात) के निर्माण और सबसे महत्वपूर्ण—ऊर्जा भंडारण (बैटरी उद्योग) में काम आता है।
- लेटराइट (Laterite): इसके भंडार का उपयोग सीमेंट फैक्ट्री, निर्माण कार्य और खनिज प्रसंस्करण (Mineral Processing) में बड़े पैमाने पर होता है।जबलपुर के इतिहास में पहली बार मिला टाइटेनियम और वेनेडियम का बड़ा भंडार, अब होगी ई-नीलामी- Titanium and Vanadium
बदलेगी महाकौशल की किस्मत, खजाने से भरेगी सरकार की तिजोरी
खनिज विभाग के अधिकारियों का कहना है कि इन दुर्लभ खनिजों की उपलब्धता भविष्य में जबलपुर और पूरे महाकौशल क्षेत्र में औद्योगिक निवेश और खनन गतिविधियों को एक नई दिशा देगी। नए खनिज ब्लॉक की नीलामी से मध्य प्रदेश सरकार के राजस्व (Revenue) में भारी बढ़ोतरी होगी। साथ ही, आधुनिक और वैज्ञानिक तकनीकों के माध्यम से पर्यावरण को नुकसान पहुंचाए बिना पारदर्शी दोहन सुनिश्चित किया जा सकेगा। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के हजारों नए अवसर भी पैदा होंगे।








