Labrador का सहारा बनीं पुलिस, जानिए कौन है जिमी

सागर। जेल गए मालिक की सजा के कारण घर मे अकेले 3 दिन तक भूखा प्यासा कुत्ता बेहाल हो गया, जब यह जानकारी पुलिस को लगी तो उसे दूधब्रेड दी और अपने साथ चौकी ले आये।
लेब्राडोर प्रजाति का पालतू कुत्ता ‘जिमी” तीन दिन तक घर के अंदर भूख-प्यास से बेहाल पड़ा रहा। यह बात पुलिस को पता चली तो उसने जिमी की ओर दोस्ती का हाथ बढ़ाया। दो दिन तक उसको दूध, रोटी और बिस्किट खिलाए। जब जिमी पुलिसवालों को अच्छे से पहचानने लगा तो वे उसे अपने साथ पुलिस चौकी लेकर आए। अब जिमी का बसेरा पुलिस चौकी में है, जहां उसे भोजन-पानी के साथ पुलिसवालों का प्यार भी मिल रहा है।
यहां के गणेश वार्ड निवासी मनोहर अहिरवार और उसके पुत्र प्रशांत व प्रवीण ने 21 जून की रात गोली मारकर अपने ही पांच परिजन की हत्या कर दी थी। पुलिस ने इस मामले में मनोहर, प्रशांत, प्रवीण के अलावा मनोहर की पत्नी और दो बेटियों को भी गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था, क्योंकि वारदात में उनकी भी भूमिका थी। इससे आरोपितों के घर में सिर्फ जिमी ही बचा था। वह परिवार के सदस्य की तरह था, लेकिन मालिक कृत्य की सजा उसे भूखे-प्यासे रहकर भुगतना पड़ रही थी।
वारदात के बाद आरोपितों के रिश्तेदार या पड़ोसी इस कुत्ते की मदद के लिए आगे नहीं आ रहे थे। इससे भूख-प्यास के कारण उसकी हालत खराब हो रही थी। वह इसी हालत में 24 जून तक घर में पड़ा रहा। पुलिस को जब यह बात पता चली तो दो दिन तक उसके घर जाकर दूध-रोटी खिलाई। जब वह घुल-मिल गया तो उसे बजरिया पुलिस चौकी लाकर रख लिया गया है। अब पुलिसवाले उसकी नियमित देखरेख कर रहे हैं।
भूख-प्यास से हो सकती थी मौत
कुत्ते का मालिक सहित पूरा परिवार हत्या के आरोप में जेल में है। कुत्ता घर में अकेला था। कोई उसे खाना, पानी देने आगे नहीं आया। भूख-प्यास से उसकी मौत हो सकती थी इसलिए उसे चौकी लाया गया है। स्टाफ उसकी देखरेख कर रहा है। जब तक आरोपित का कोई रिश्तेदार उसे लेने नहीं आएगा, तब तक उसे चौकी में ही रखा जाएगा – अनिल मौर्य, टीआई, बीना








