Kirana Market Trend 2026: किराना दुकानों पर घटा पुरानी FMCG कंपनियों का दबदबा! नए ज़माने के D2C ब्रांड्स ने 21.7% बाज़ार पर किया कब्ज़ा
नई दिल्ली: देश की पारंपरिक किराना दुकानों की अलमारियों और शेल्फ पर अब एक बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। जिन दुकानों पर सालों से कुछ गिनी-चुनी दिग्गज एफएमसीजी (FMCG) कंपनियों का एकछत्र राज था, वहां अब नए जमाने के D2C और डिजिटल-फर्स्ट कंज्यूमर ब्रांड्स तेज़ी से अपनी जगह बना रहे हैं।
देश भर की लगभग 1 करोड़ किराना दुकानों को ट्रैक करने वाले रिटेल इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म Bizom के ताजा आंकड़ों ने बाजार की इस बदलती तस्वीर पर मुहर लगा दी है।
Bizom के आंकड़े: 1 साल में बदला किराना मार्केट का गणित
वित्त वर्ष 2027 की पहली छमाही के आंकड़ों के अनुसार:
नए ब्रांड्स की छलांग: नए कंज्यूमर ब्रांड्स की बाजार हिस्सेदारी बढ़कर 21.7 फीसदी हो गई है, जो ठीक एक साल पहले महज 14.8 फीसदी थी।
पुरानी कंपनियों का घटा दबदबा: दूसरी तरफ, बाजार पर राज कर रही पुरानी दिग्गज FMCG कंपनियों की हिस्सेदारी 85.2 फीसदी से घटकर 78.3 फीसदी रह गई है।Kirana Market Trend 2026: किराना दुकानों पर घटा पुरानी FMCG कंपनियों का दबदबा! नए ज़माने के D2C ब्रांड्स ने 21.7% बाज़ार पर किया कब्ज़ा
शहरी आउटलेट्स में बदलाव: सितंबर तिमाही में D2C ब्रांड्स ने अपनी किराना पहुंच में 200 बेसिस पॉइंट्स का इजाफा किया, जबकि पुरानी कंपनियों ने अपने 1.9% शहरी किराना आउटलेट गंवा दिए (हालाँकि ग्रामीण क्षेत्र में उनके स्टोर्स 2.3% बढ़े हैं)।
ऑनलाइन से सीधे किराना स्टोर पहुँचे नए ब्रांड्स
ग्राहकों की बदलती पसंद और प्रीमियम/साइंस-बेस्ड प्रोडक्ट्स की बढ़ती मांग के कारण यह बदलाव देखने को मिल रहा है:
जायडस वेलनेस के सीईओ तरुण अरोड़ा का कहना है कि लंबे समय बाद पहली बार नए खिलाड़ी बाजार का ढांचा बदलने की ताकत दिखा रहे हैं और पुरानी कंपनियों को ग्राहकों की बदलती पसंद समझनी होगी।
प्लम् गुडनेस के सीईओ शंकर प्रसाद के अनुसार, डिजिटल ब्रांड के रूप में शुरू हुए प्लम की 30% कमाई अब ऑफलाइन दुकानों से आ रही है और देशभर में उनके 35,000 से अधिक फिजिकल टचपॉइंट्स बन चुके हैं।
बड़ी कंपनियों ने अपनाया अधिग्रहण का रास्ता
नए ब्रांड्स की बढ़ती लोकप्रियता और चुनौती को देखते हुए हिंदुस्तान यूनिलीवर, मैरिको, गोदरेज और आईटीसी जैसी दिग्गज कंपनियों ने कई मशहूर नए ब्रांड्स को खरीदकर अपने पोर्टफोलियो में शामिल कर लिया है।
अधिग्रहित प्रमुख ब्रांड्स में Minimalist, Oziva, Beardo, Yoga Bar, Mother Sparsh, Plix, True Elements, Cosmix और 4700BC शामिल हैं। Bizom के अनुसार, अगर इन अधिग्रहित ब्रांड्स की बिक्री भी जोड़ ली जाए, तो नए ज़माने के ब्रांड्स की हिस्सेदारी और भी बड़ी दिखेगी।
चुनौती: “दुकान में जगह बनाना आसान, टिके रहना मुश्किल”
Bizom के ग्रोथ ऑफिसर पार्थ सेठी और उद्योग विशेषज्ञों का मानना है कि नए ब्रांड्स के लिए असली परीक्षा अब शुरू हुई है। पुरानी कंपनियों के विशाल और गहरे डिस्ट्रिब्यूशन नेटवर्क के सामने ऑफलाइन बाजार में लगातार बिक्री बनाए रखना एक बड़ी और खर्चीली चुनौती है। Kirana Market Trend 2026: किराना दुकानों पर घटा पुरानी FMCG कंपनियों का दबदबा! नए ज़माने के D2C ब्रांड्स ने 21.7% बाज़ार पर किया कब्ज़ा













