देवास/इंदौर। देवास जिले के खातेगांव में अवैध शराब तस्करी रोकने के दौरान थाना प्रभारी (TI) दिलीप पुरी गोस्वामी को मिनी ट्रक से कुचलकर मौत के घाट उतारने वाले अपराधियों और उनके पूरे नेटवर्क पर पुलिस का शिकंजा कसता ही जा रहा है। मामले के मुख्य आरोपी चालक गजेंद्र उर्फ अक्कू रावत और क्लीनर धीरज, जो शॉर्ट एनकाउंटर में घायल हुए थे, उनकी आज 5 नवंबर को खातेगांव न्यायालय में वर्चुअल पेशी होगी।
दूसरी ओर, इस सनसनीखेज हत्याकांड के तार अब अवैध शराब सिंडिकेट के साथ-साथ बस ऑपरेटरों और अंतरराज्यीय अपराधियों से जुड़ते दिख रहे हैं। पुलिस ने शराब नेटवर्क से जुड़े आरोपी राहुल जायसवाल की तीन बसों को जब्त कर लिया है, वहीं आरोपी केरम सिंह के गुजरात में वांटेड होने की परतें भी खुल गई हैं। Yashbharat
5 नवंबर को अस्पताल से ही होगी आरोपियों की वर्चुअल पेशी
3 नवंबर की रात गिरफ्तारी के बाद आरोपी चालक अक्कू रावत और क्लीनर धीरज ने पुलिस अभिरक्षा से भागने तथा पुलिसकर्मी का हथियार छीनकर हमला करने का प्रयास किया था। पुलिस की जवाबी कार्रवाई (शॉर्ट एनकाउंटर) में दोनों आरोपियों के पैरों में गोली लगी थी।
देवास जिला अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद दोनों को इंदौर के अरविंदो अस्पताल रैफर किया गया। अरविंदो अस्पताल में इलाज के बाद आरोपी अक्कू की स्थिति में सुधार होने पर उसे आईसीयू से सामान्य वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया है।
बुधवार को विवेचना टीम ने कोर्ट से दिशा-निर्देश प्राप्त किए। न्यायालय के आदेशानुसार 5 नवंबर को खातेगांव न्यायालय में दोनों आरोपियों की वर्चुअली पेशी कराई जाएगी। दोनों आरोपी अस्पताल से ही वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेशी में शामिल होंगे, जिसके बाद पुलिस आगे की रिमांड और कानूनी प्रक्रिया पूरी करेगी।
राहुल जायसवाल की 3 बसें जब्त, परमिट और फिटनेस पर उठे सवाल
खातेगांव TI हत्याकांड के बाद शराब माफिया और उनके सहयोगियों पर शिकंजा कसने के लिए एसपी आदित्य मिश्रा के निर्देशन में बड़ी कार्रवाई जारी है। पुलिस की एक टीम राहुल जायसवाल को लेकर हरदा पहुंची, जहां टिमरनी वाइन शॉप का रिकॉर्ड और डिजिटल-तकनीकी साक्ष्य एकत्र किए गए। वाउचर डिटेल्स भी जब्त की गई हैं।
इसके अलावा, राहुल जायसवाल से जुड़े नेटवर्क पर प्रहार करते हुए पुलिस ने उसकी तीन बसों को जब्त कर लिया:
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कांटाफोड़ थाना क्षेत्र: दो बसों को जब्त कर थाना परिसर में खड़ा करवाया गया।
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डबलचौकी क्षेत्र: एक बस को मौके पर ही कार्रवाई कर जब्त किया गया।
कार्रवाई के समय बसों में यात्री सवार थे, जिन्हें पुलिस ने अन्य वाहनों की व्यवस्था कर उनके गंतव्य के लिए रवाना किया। शुरुआती जांच में इन बसों के परमिट और फिटनेस संबंधी वैध दस्तावेज नहीं मिले हैं, जिसकी गहन जांच जारी है।
गुजरात का वांटेड अपराधी निकला केरम सिंह, 2025 के गुना मामले से जुड़े तार
मामले में गिरफ्तार किए गए एक अन्य आरोपी केरम सिंह को लेकर चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। पूछताछ और रिकॉर्ड खंगालने पर सामने आया है कि केरम सिंह गुजरात के कई गंभीर प्रकरणों में वांछित (वांटेड) है।
उल्लेखनीय है कि 2025 में गुना में 301 पेटी अवैध शराब पकड़ाई थी, जिसमें केरम सिंह मुख्य आरोपी था और पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया था (उस समय इंदौर के विजय राव ने उसकी जमानत करवाई थी)।
पुलिस टीम केरम सिंह को लेकर दाहोद-गुजरात सीमा पर रवाना होने वाली थी, लेकिन केस डायरी की कागजी कार्रवाई में विलंब होने के कारण टीम देर रात रवाना हुई। गुजरात पुलिस से समन्वय बनाकर उसके पुराने आपराधिक रिकॉर्ड को खंगाला जा रहा है।
फरार आरोपियों की तलाश में 4 टीमें रवाना, कई संदिग्ध राउंड अप
एसपी आदित्य मिश्रा ने बताया कि मामले में फरार चल रहे आरोपी मनीष, मोहिन और पाटेंद्र की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की चार विशेष टीमें अलग-अलग क्षेत्रों में दबिश दे रही हैं:
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आलीराजपुर बेल्ट: दो टीमें सीमावर्ती और आदिवासी इलाकों में सर्चिंग कर रही हैं।
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इंदौर बेल्ट: एक टीम शहर और आसपास के ठिकानों पर नजर रखे हुए है।
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हरदा बेल्ट: एक टीम डिजिटल सबूत और नेटवर्क खंगाल रही है।
पुलिस ने कई संदिग्धों को राउंड अप (हिरासत में) किया है, जिनसे गुप्त स्थानों पर पूछताछ की जा रही है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही फरार माफियाओं को गिरफ्तार कर पूरे अवैध शराब सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया जाएगा।

