खाकी का संबल: सर्पदंश से जान गंवाने वाले प्रधान आरक्षक के परिवार को मिली ₹1 करोड़ की बीमा राशि, संकट में सहारा बनी ‘पुलिस सैलरी पैकेज योजना’

खाकी का संबल: सर्पदंश से जान गंवाने वाले प्रधान आरक्षक के परिवार को मिली ₹1 करोड़ की बीमा राशि, संकट में सहारा बनी ‘पुलिस सैलरी पैकेज योजना’
कटनी (मंडला): कर्तव्य की राह पर चलने वाले पुलिसकर्मियों और उनके परिवारों के कल्याण के लिए मध्य प्रदेश पुलिस की योजनाएं संकट के समय में एक बड़ा आर्थिक संबल साबित हो रही हैं। इसी कड़ी में, मंडला जिले में पदस्थ रहे एक दिवंगत पुलिसकर्मी के परिवार को भारतीय स्टेट बैंक (SBI) की विशेष ‘पुलिस सैलरी पैकेज योजना’ के तहत 1 करोड़ रुपए की दुर्घटना मृत्यु बीमा सहायता राशि का चेक सौंपा गया है।
यह घटना दर्शाती है कि मध्य प्रदेश पुलिस अपने जवानों और उनके परिवारों के साथ हर सुख-दुख में मजबूती से खड़ी है।
सर्पदंश के कारण हुआ था मुकेश बंसकार का निधन
घटनाक्रम के अनुसार, 35वीं वाहिनी (बटालियन) मंडला में पदस्थ कार्यवाहक प्रधान आरक्षक श्री मुकेश बंसकार का बीते दिनों सर्पदंश (साँप के काटने) के कारण असमय निधन हो गया था। इस अचानक आई विपत्ति से उनका परिवार गहरे संकट में था।
चूंकि स्वर्गीय मुकेश बंसकार का वेतन खाता भारतीय स्टेट बैंक की मंडला शाखा में था और वह ‘पुलिस सैलरी पैकेज’ योजना के तहत रजिस्टर्ड था, इसलिए नियमानुसार उनके नामांकित उत्तराधिकारी (नॉमिनी) उनकी धर्मपत्नी श्रीमती रजनी बंसकार को 1 करोड़ रुपए का आकस्मिक दुर्घटना बीमा क्लेम स्वीकृत हुआ। 35वीं वाहिनी मंडला के सेनानी (Commandant) श्री राजेश रघुवंशी द्वारा ससम्मान पीड़ित परिवार को उक्त राशि का चेक सौंपा गया।
क्या है पुलिस सैलरी पैकेज योजना? (पुलिसकर्मियों के लिए सुरक्षा कवच)
मध्य प्रदेश पुलिस अपने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों के बैंक खातों को इस विशेष पैकेज से जोड़ती है। इसके तहत पुलिस जवानों को कई अभूतपूर्व वित्तीय लाभ और सुरक्षा सुविधाएं मिलती हैं:
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₹1 करोड़ का आकस्मिक मृत्यु बीमा: ड्यूटी के दौरान या किसी भी तरह की दुर्घटना (जैसे सड़क हादसा, सर्पदंश आदि) में मृत्यु होने पर परिवार को 1 करोड़ रुपए की एकमुश्त सहायता।
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सस्ते लोन की सुविधा: पुलिसकर्मियों को होम लोन, कार लोन आदि पर विशेष और बेहद कम ब्याज दरें (Discounted Interest Rates) दी जाती हैं।
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अतिरिक्त वित्तीय लाभ: मुफ्त असीमित ट्रांजेक्शन वाले डेबिट कार्ड, न्यूनतम बैलेंस की बाध्यता से छूट और परिवार के लिए अन्य आर्थिक सुरक्षा कवच।
विभाग का संदेश: पुलिस अधिकारियों का कहना है कि किसी भी जवान की कमी को पैसों से पूरा नहीं किया जा सकता, लेकिन यह सुनिश्चित करना विभाग की जिम्मेदारी है कि देश-राज्य की सुरक्षा करने वाले जवान के जाने के बाद उसका परिवार बेसहारा न हो और सम्मान के साथ अपनी जिंदगी गुजार सके।








