कटनी में बड़ा वन्यजीव हादसा: 13 चीतल और 2 सांभर की अचानक मौत से हड़कंप; पोस्टमार्टम के बाद लैब भेजे गए सैंपल्स
कटनी में बड़ा वन्यजीव हादसा: 13 चीतल और 2 सांभर की अचानक मौत से हड़कंप; पोस्टमार्टम के बाद लैब भेजे गए सैंपल्स
कटनी में बड़ा वन्यजीव हादसा: 13 चीतल और 2 सांभर की अचानक मौत से हड़कंप; पोस्टमार्टम के बाद लैब भेजे गए सैंपल्स
कटनी: जिले के विजयराघवगढ़ वन परिक्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम घुघरी में एक साथ 15 वन्यजीवों की मौत का एक बेहद चौंकाने वाला और दुखद मामला सामने आया है। यहाँ अचानक 13 चीतल और 2 सांभर मृत अवस्था में पाए गए, जिससे वन विभाग और जिला प्रशासन में हड़कंप मच गया है। सूचना मिलते ही दोनों विभागों की टीमें तुरंत मौके पर सक्रिय हो गईं।
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विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम ने मौके पर किया पोस्टमार्टम
सामूहिक मौत की इस गंभीर घटना की जानकारी मिलते ही सिविल सर्जन डॉ. सुमंत वर्मा के निर्देशन में विशेषज्ञ पशु चिकित्सकों (Veterinary Doctors) की एक विशेष टीम गठित की गई। टीम ने बिना वक्त गंवाए घटनास्थल पर पहुंचकर सभी मृत वन्यजीवों का विधिवत पोस्टमार्टम (PM) किया।
जहर या कोई बीमारी? जांच के लिए लैब भेजे गए नमूने
उप संचालक (पशुपालन एवं डेयरी विकास) डॉ. नीता मनोचा ने बताया कि शुरुआती तौर पर मौत की वजह साफ नहीं हो पाई है। वन्यजीवों की मृत्यु के वास्तविक और सटीक कारणों का पता लगाने के लिए:
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डॉक्टरों की टीम ने मृत चीतलों और सांभरों के शरीर से आवश्यक नमूने (Samples/Viscera) एकत्रित किए हैं।
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इन सैंपल्स को फॉरेंसिक और टॉक्सिकोलॉजी जांच के लिए स्टेट लेबोरेटरी (प्रयोगशाला) भेज दिया गया है।
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अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही साफ हो पाएगा कि वन्यजीवों की मौत किसी संक्रामक बीमारी की वजह से हुई है, पानी की कमी से या फिर इसके पीछे शिकारियों की कोई जहरीली साजिश है। कटनी में बड़ा वन्यजीव हादसा: 13 चीतल और 2 सांभर की अचानक मौत से हड़कंप; पोस्टमार्टम के बाद लैब भेजे गए सैंपल्स
वन विभाग और पशुपालन विभाग की संयुक्त जांच शुरू
एक साथ इतनी बड़ी संख्या में शाकाहारी वन्यजीवों की मौत को लेकर वन मंडल पूरी तरह अलर्ट पर है। इस पूरे मामले की सतत (24 घंटे) निगरानी की जा रही है। घटना के शिकार, शिकार की साजिश या प्राकृतिक कारणों के हर एंगल को खंगालने के लिए वन विभाग और पशुपालन विभाग के आला अधिकारी संयुक्त रूप से जांच प्रक्रिया में जुट गए हैं। वन विभाग ने आसपास के जलस्रोतों और जंगलों में भी सर्चिंग बढ़ा दी है।








