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कटनी: बेरोजगार युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए 3 स्वरोजगार योजनाओं के तहत आवेदन शुरू; जलाशयों में केज स्थापना की अंतिम तिथि 20 मई

IT SECTOR JOB IN MP

कटनी: बेरोजगार युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए 3 स्वरोजगार योजनाओं के तहत आवेदन शुरू; जलाशयों में केज स्थापना की अंतिम तिथि 20 मई। जिला प्रशासन कटनी द्वारा जिले के नागरिकों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने और रोजगार के नए अवसर सृजित करने के लिए दो बड़ी घोषणाएं की गई हैं। एक तरफ जहां पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण विभाग ने युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए तीन बड़ी योजनाओं में ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए हैं, वहीं दूसरी तरफ मत्स्य विभाग ने नई ‘एकीकृत मत्स्योद्योग नीति 2026’ के तहत जलाशयों में केज स्थापना की अंतिम तारीख घोषित की है।

कटनी: बेरोजगार युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए 3 स्वरोजगार योजनाओं के तहत आवेदन शुरू; जलाशयों में केज स्थापना की अंतिम तिथि 20 मई

भाग 1: स्वरोजगार योजनाओं हेतु आवेदन आमंत्रित

पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक तथा विमुक्त, घुमन्तु और अर्धघुमन्तु वर्ग के बेरोजगार युवाओं के लिए राज्य सरकार द्वारा संचालित 3 योजनाओं के तहत आवेदन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। इसकी विस्तृत गाइडलाइन इस प्रकार है:

1. मुख्यमंत्री पिछड़ा वर्ग तथा अल्पसंख्यक वर्ग हेतु उद्यम योजना

2. मुख्यमंत्री पिछड़ा वर्ग तथा अल्पसंख्यक वर्ग हेतु स्वरोजगार योजना

3. मुख्यमंत्री विमुक्त घुमन्तु और अर्धघुमन्तु स्वरोजगार योजना

यहाँ करें संपर्क: > इच्छुक नागरिक इन योजनाओं की अधिक जानकारी और ऑनलाइन आवेदन के लिए samast.mponline.gov.in पर लॉग इन कर सकते हैं। इसके अलावा कार्यालय, पिछड़ा वर्ग तथा अल्पसंख्यक कल्याण जिला कटनी में सीधे संपर्क किया जा सकता है। (क्रमांक- 2039/301)

भाग 2: जिले के 5 जलाशयों में केज स्थापना हेतु कल आखिरी मौका

मध्य प्रदेश शासन की नई ‘एकीकृत मत्स्योद्योग नीति 2026’ के अंतर्गत जिले में नीली क्रांति (Blue Revolution) को बढ़ावा देने के लिए केज कल्चर और अन्य मत्स्य गतिविधियों हेतु आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि 20 मई निर्धारित की गई है।

इन 5 जलाशयों का हुआ है चयन:

  1. ठरका जलाशय (विकासखंड कटनी)

  2. बहोरिबंद जलाशय (विकासखंड बहोरीबंद)

  3. दतला जलाशय (विकासखंड बड़वारा)

  4. सागौना जलाशय (विकासखंड ढीमरखेड़ा)

  5. अमेठा जलाशय (विकासखंड ढीमरखेड़ा)

क्या है ‘एकीकृत मत्स्योद्योग नीति 2026’?

इस नीति का मुख्य उद्देश्य मत्स्य पालन के क्षेत्र में निजी निवेश को बढ़ावा देना और एक्वाकल्चर, एक्वापोनिक्स व इंटीग्रेटेड फिश फार्मिंग जैसी आधुनिक तकनीकों को प्रोत्साहित करना है। सरकार द्वारा चयनित उद्यमियों को फिश हेचरी, आइस प्लांट, कोल्ड स्टोरेज और फिश प्रोसेसिंग यूनिट के विकास के लिए तकनीकी सहायता, प्रशिक्षण और बैंक ऋण सुविधा के लिए मार्गदर्शन प्रदान किया जाएगा।

मत्स्य पालन के क्षेत्र में करियर बनाने या निवेश करने के इच्छुक उद्यमी 20 मई तक जिला पंचायत या मत्स्य विभाग के निकाय के अधीन अपना आवेदन अनिवार्य रूप से जमा करा दें।

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