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Katni Fertilizer Stock 2026: कटनी के किसानों के लिए बड़ी राहत- झुकेही पहुंची 1575 मीट्रिक टन यूरिया की रैक; अब बिना ‘E-Token’ नहीं मिलेगी खाद, कलेक्टर का सख्त आदेश

Katni Fertilizer Stock 2026: कटनी के किसानों के लिए बड़ी राहत- झुकेही पहुंची 1575 मीट्रिक टन यूरिया की रैक; अब बिना 'E-Token' नहीं मिलेगी खाद, कलेक्टर का सख्त आदेश

कटनी/झुकेही: कटनी जिले में जायद और आगामी खरीफ फसलों के लिए सबसे ज्यादा मांग वाली नीम कोटेड यूरिया खाद की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित हो गई है। कलेक्टर श्री आशीष तिवारी के प्रयासों और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों से निरंतर समन्वय के चलते यूरिया खाद की एक बड़ी रैक झुकेही रैक प्वाइंट पर पहुंच चुकी है। इस रैक से जिले को कुल 1575 मीट्रिक टन (MT) यूरिया प्राप्त हो रही है, जिसे अलग-अलग केंद्रों के लिए रवाना किया जा रहा है।

इस बार खाद वितरण में पारदर्शिता लाने और कालाबाजारी पर पूरी तरह रोक लगाने के लिए कलेक्टर ने जिले में ‘ई-टोकन’ (E-Token) व्यवस्था को अनिवार्य कर दिया है।

किस केंद्र को कितनी मिली खाद? (डबल लॉक और सीएमएस आवंटन)

उपसंचालक कृषि से प्राप्त जानकारी के अनुसार, झुकेही रैक पाइंट से उतारी जा रही 1575 मीट्रिक टन नीम कोटेड यूरिया का तहसीलवार और केंद्रवार आवंटन इस प्रकार किया गया है:

  • कटनी डबल लॉक केन्द्र: 500 मीट्रिक टन

  • जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक कटनी: 375 मीट्रिक टन

  • बहोरीबंद डबल लॉक केन्द्र: 200 मीट्रिक टन

  • मझगवां बड़वारा डबल लॉक केन्द्र: 200 मीट्रिक टन

  • एमपी एग्रो कटनी: 60 मीट्रिक टन

  • सीएमएस केंद्र (उमरियापान ढीमरखेड़ा, स्लीमानाबाद, ढीमरखेड़ा): 60-60 मीट्रिक टन

  • सीएमएस केंद्र (कटनी और बाकल): 30-30 मीट्रिक टन

सॉफ्टवेयर तय करेगा खाद का कोटा, कालाबाजारी पर लगेगी लगाम

कलेक्टर श्री आशीष तिवारी ने उपसंचालक कृषि को सख्त हिदायत दी है कि जिले में किसी भी परिस्थिति में बिना ई-टोकन के खाद का वितरण नहीं होना चाहिए:

  • जमीन और फसल के आधार पर मिलेगी खाद: अब कोई भी व्यक्ति मनमर्जी से खाद का स्टॉक नहीं कर पाएगा। ई-टोकन सॉफ्टवेयर में किसान की जमीन (खसरा नंबर) और उसके द्वारा बोई गई फसल के रकबे के आधार पर ही यूरिया की मात्रा तय की जाएगी।

  • घर बैठे दिखेगा स्टॉक: पारदर्शिता के लिए सरकार ने व्यवस्था की है कि किसान अब घर बैठे ही ऑनलाइन पोर्टल पर यह देख सकेंगे कि किस उपार्जन या वितरण केंद्र पर कितना यूरिया उपलब्ध है।

कहाँ से और कैसे मिलेगा ‘ई-टोकन’?

किसान भाई अपनी सुविधा के अनुसार नीचे दिए गए केंद्रों पर जाकर अपना ई-टोकन जनरेट करवा सकते हैं:

  1. प्राथमिक कृषि सहकारी समितियां (पैक्स – PACS)

  2. सरकारी डबल लॉक केंद्र

  3. अधिकृत निजी विक्रेता (Private Traders)

  4. सशुल्क एमपी ऑनलाइन (MP Online) कियोस्क या कॉमन सर्विस सेंटर (CSC)

⚠️ सख्त चेतावनी: शासन ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई भी सहकारी समिति, पैक्स या निजी विक्रेता बिना ई-टोकन के पिछले दरवाजे से खाद बेचता हुआ पाया गया, तो उसके खिलाफ उर्वरक (नियंत्रण) आदेश 1985 के तहत एफआईआर (FIR) और लाइसेंस निरस्तीकरण जैसी कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

 कृषि विभाग की अपील: संतुलित उर्वरक का ही करें उपयोग

कृषि विभाग ने जिले के सभी किसान भाइयों से अपील की है कि वे अपनी खेतों की मिट्टी के स्वास्थ्य (Soil Health) को ध्यान में रखते हुए केवल संतुलित मात्रा में ही यूरिया का छिड़काव करें। खेतों में जरूरत से ज्यादा खाद डालना न केवल खेती की लागत को बढ़ाता है, बल्कि धीरे-धीरे भूमि की प्राकृतिक उर्वरा शक्ति को भी हमेशा के लिए नष्ट कर देता है।

Katni Fertilizer Stock 2026: कटनी के किसानों के लिए बड़ी राहत- झुकेही पहुंची 1575 मीट्रिक टन यूरिया की रैक; अब बिना ‘E-Token’ नहीं मिलेगी खाद, कलेक्टर का सख्त आदेश

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