Katni News Update: मध्य प्रदेश के बहुचर्चित Katni CSP Neha Pachisia case में कानूनी हलचल तेज हो गई है। एफआईआर (FIR) निरस्त करने और अग्रिम जमानत (Anticipatory Bail) की मांग को लेकर दायर याचिकाओं पर मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय में तीन दिनों तक चली मैराथन सुनवाई के बाद बुधवार को अदालत ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है।
न्यायमूर्ति आनंद पाठक और न्यायमूर्ति राजकुमार चौबे की युगलपीठ के समक्ष इस हाई-प्रोफाइल Katni CSP Neha Pachisia case को लेकर दोनों पक्षों के वकीलों ने अपनी-अपनी मजबूत दलीलें पेश कीं। अब पूरे प्रशासनिक महकमे की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि कोर्ट का अगला फैसला क्या होगा।
जमीन खरीद-फरोख्त मामले में बचाव पक्ष की दलीलें
Katni CSP Neha Pachisia case की सुनवाई के दौरान पूर्व सीएसपी के अधिवक्ताओं ने कोर्ट में पक्ष रखते हुए इस पूरे विवाद से उनका कोई भी संबंध होने से साफ इनकार किया। बचाव पक्ष के अनुसार:
- लेनदेन से इनकार: विवादित जमीन की खरीद-फरोख्त में नेहा पच्चीसिया की कोई प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष भूमिका नहीं थी।
- बैंक खातों का स्पष्टीकरण: कोर्ट को बताया गया कि जमीन मारूफ अहमद हनफी के नाम पर खरीदी गई थी और क्षितिज राज पात्रे द्वारा राशि सीधे संबंधित बैंक खाते में ट्रांसफर की गई थी। Katni CSP Neha Pachisia case से जुड़े इस वित्तीय लेनदेन में उनके खाते का कोई उपयोग नहीं हुआ।
- साक्ष्यों का अभाव: बचाव पक्ष ने तर्क दिया कि अभियोजन पक्ष के पास ऐसा कोई ठोस साक्ष्य नहीं है जो यह साबित कर सके कि इस जमीन के सौदे में पूर्व सीएसपी की कोई संलिप्तता थी।
इन्हीं तर्कों के आधार पर कटनी के कुठला थाने में दर्ज एफआईआर को पूरी तरह से निरस्त करने और अग्रिम जमानत का लाभ दिए जाने की पुरजोर मांग की गई।
क्या है पूरा मामला? कुठला थाने में दर्ज हुआ था प्रकरण
Katni CSP Neha Pachisia case की पृष्ठभूमि पर नजर डालें तो कटनी जिले के कुठला थाना क्षेत्र में धोखाधड़ी और अन्य गंभीर धाराओं के तहत नेहा पच्चीसिया समेत कुल तीन आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था।
- इनाम की घोषणा: पुलिस प्रशासन द्वारा फरार चल रहे तीनों आरोपियों की गिरफ्तारी पर 10-10 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था।
- मुख्य आरोप: आरोप है कि कुठला थाना क्षेत्र के एक चर्चित हत्या के मामले में नियत समय-सीमा के भीतर चालान (Charge Sheet) पेश नहीं किया जा सका, जिससे मुख्य आरोपी को वैधानिक जमानत का लाभ मिल गया था।
- रिश्वत और बेनामी सौदा: इस पूरे Katni CSP Neha Pachisia case में आरोप लगाया गया कि कथित लापरवाही के एवज में आरोपियों की जमीन को बेहद कम कीमत पर एक एजेंट के नाम पर खरीदा गया था। हालांकि, पूर्व सीएसपी ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है।
एयर होस्टेस से डीएसपी तक का सफर
मध्य प्रदेश पुलिस महकमे में अपनी अलग पहचान बनाने वाली नेहा पच्चीसिया का करियर काफी प्रेरणादायक रहा है:
- गृह जिला: वह मूल रूप से मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले की पचोर तहसील की रहने वाली हैं।
- एविएशन बैकग्राउंड: पुलिस सेवा में आने से पहले उन्होंने 12वीं के बाद एविएशन की शिक्षा प्राप्त की और प्रतिष्ठित एयर इंडिया (Air India) में एयर होस्टेस के रूप में अपनी सेवाएं दीं।
- एमपीपीएससी सफलता: वर्ष 2012 की एमपीपीएससी परीक्षा में सफलता हासिल करते हुए 2016 के अंतिम परिणामों में उन्होंने पूरे प्रदेश में 20वीं रैंक हासिल की थी।
- तैनातियां: बतौर डीएसपी उनकी पहली पोस्टिंग गुना में सीएसपी के रूप में हुई थी। इसके बाद उन्होंने भोपाल पुलिस मुख्यालय और खंडवा में भी सेवाएं दीं। मई 2025 में उनका ट्रांसफर कटनी हुआ था, जहां उन्होंने नगर पुलिस अधीक्षक का पदभार संभाला था।
अब Katni CSP Neha Pachisia case में हाईकोर्ट की डबल बेंच द्वारा फैसला सुरक्षित रखे जाने के बाद यह तय हो गया है कि जल्द ही अदालत यह तय करेगी कि उन्हें कानूनी शिकंजे से राहत मिलती है या नहीं।

