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असुरक्षित होता कटनी: चाकूबाजी की बढ़ती वारदातों ने खड़े किए पुलिसिंग पर सवाल,पिछले कुछ महीनों में दो दर्जन से अधिक चाकूबाजी की घटनाएं, शाम ढलते ही दहशत में रहने लगे शहरवासी

असुरक्षित होता कटनी: चाकूबाजी की बढ़ती वारदातों ने खड़े किए पुलिसिंग पर सवाल,पिछले कुछ महीनों में दो दर्जन से अधिक चाकूबाजी की घटनाएं, शाम ढलते ही दहशत में रहने लगे शहरवास

कटनी- शहर में लगातार बढ़ रही चाकूबाजी की घटनाओं ने कानून-व्यवस्था और पुलिसिंग की प्रभावशीलता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पिछले लगभग छह महीनों के दौरान शहर में दो दर्जन से अधिक चाकूबाजी की घटनाएं सामने आ चुकी हैं, जिससे आम नागरिकों में भय और असुरक्षा का माहौल बन गया है। लोगों का कहना है कि अब यह कहना मुश्किल हो गया है कि कब, कहां और किस पर हमला हो जाए।

शहर के प्रमुख बाजारों, सार्वजनिक स्थलों और व्यस्त इलाकों तक में चाकूबाजी की घटनाएं होना चिंता का विषय बन चुका है। नागरिकों का मानना है कि इन घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए अब तक कोई व्यापक और ठोस रणनीति दिखाई नहीं दी है, जिसके कारण अपराधियों के हौसले बुलंद होते जा रहे हैं।

शहर की चौपाटी जैसे व्यस्त क्षेत्र में हुई चर्चित ट्रिपल मर्डर की घटना ने पूरे प्रदेश का ध्यान कटनी की ओर खींचा था। लोगों की अपेक्षा थी कि इस घटना के बाद पुलिस अपराध नियंत्रण के लिए विशेष अभियान चलाएगी और असामाजिक तत्वों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करेगी, लेकिन लगातार सामने आ रही चाकूबाजी की घटनाएं यह संकेत देती हैं कि हालात में अपेक्षित सुधार नहीं हो सका है।

शाम होते ही बाजारों, चौक-चौराहों और सार्वजनिक स्थानों पर लोगों में असुरक्षा की भावना देखी जा रही है। अभिभावक अपने बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं, वहीं व्यापारी वर्ग भी बढ़ते अपराधों को लेकर चिंता व्यक्त कर रहा है।

शहरवासियों का मानना है कि पुलिस को केवल घटनाओं के बाद कार्रवाई तक सीमित न रहकर अपराध की रोकथाम के लिए सघन चेकिंग, हिस्ट्रीशीटरों और असामाजिक तत्वों पर निगरानी, अवैध हथियार रखने वालों के खिलाफ विशेष अभियान तथा संवेदनशील क्षेत्रों में नियमित गश्त जैसे प्रभावी कदम उठाने चाहिए। यदि समय रहते सख्त और निर्णायक कार्रवाई नहीं की गई, तो आने वाले दिनों में कानून-व्यवस्था की स्थिति और गंभीर हो सकती है।

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