कस्तूरी गार्डन कैसीनो कांड में घिरे कटारा हिल्स TI सुनील दुबे सस्पेंड: रिसॉर्ट मालिक व मैनेजर को बचाने और जब्ती में गड़बड़ी पर गिरी गाज; DCP का कड़ा एक्शन
भोपाल, yashbharat.com। राजधानी भोपाल के कटारा हिल्स थाना क्षेत्र स्थित कस्तूरी गार्डन (रिसॉर्ट) में चल रहे हाईटेक कैसीनो पर कार्रवाई के मामले में पुलिस विभाग का ही चेहरा बेनकाब हो गया है। जुए और कैसीनो के इस काले खेल में घोर लापरवाही, रिसॉर्ट मालिक व मैनेजर को बचाने की संदिग्ध भूमिका और जब्ती में लीपापोती पाए जाने पर कटारा हिल्स थाना प्रभारी (TI) सुनील कुमार दुबे को तत्काल प्रभाव से निलंबित (सस्पेंड) कर दिया गया है।
वरिष्ठ अधिकारियों के इस कड़े एक्शन के बाद भोपाल पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है।
कैसीनो रेड में क्यों उठे TI की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल?
पुलिस टीम ने कस्तूरी गार्डन रिसॉर्ट में दबिश देकर जुआ और कैसीनो खेल रहे आरोपियों को रंगे हाथों दबोचा था। हालांकि, इसके बाद की गई पुलिसिया कार्रवाई ने टीआई की नीयत और भूमिका को कठघरे में खड़ा कर दिया:
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रिसॉर्ट मालिक और मैनेजर को दी राहत: प्राथमिक जांच में सामने आया कि जुआरियों को कैसीनो खेलने के लिए प्लास्टिक टोकन रिसॉर्ट का मैनेजर मुहैया करा रहा था और पैसों का लेन-देन सीधे रिसॉर्ट के खातों से हो रहा था। इसके बावजूद टीआई ने रिसॉर्ट के मालिक और मैनेजर पर मेहरबानी दिखाते हुए उन्हें मुख्य आरोपी ही नहीं बनाया।
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जब्ती और सबूतों में झोल: दबिश के दौरान मौके से दर्जनों मोबाइल, प्लास्टिक टोकन और ताश की गड्डियां बरामद हुईं, लेकिन ऑनलाइन रुपयों के लेनदेन के मुख्य सबूत यानी जब्त मोबाइलों की गहराई से जांच नहीं की गई।
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मुख्य सरगना के फरार होने पर संदेह: कैसीनो का मुख्य संचालक पुलिस की ढिलाई के चलते आसानी से फरार होने में कामयाब रहा, जिसके दुबई भागने की भी चर्चाएं गर्म हैं।
DCP ने दिए सस्पेंशन के आदेश, विभागीय जांच शुरू
पूरी कार्रवाई में गड़बड़ी की लिखित शिकायत जब वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों तक पहुंची, तो एसीपी की प्राथमिक जांच रिपोर्ट के आधार पर पुलिस उपायुक्त (DCP) ने कटारा हिल्स थाना प्रभारी सुनील कुमार दुबे की भूमिका को प्रथम दृष्टया संदिग्ध माना और उन्हें निलंबित करने का आदेश जारी कर दिया।
मामले की विस्तृत विभागीय जांच शुरू कर दी गई है और कैसीनो नेटवर्क से जुड़े अन्य बड़े चेहरों की भूमिका भी खंगाली जा रही है।

