राहुल गांधी दोहरी नागरिकता केस: इलाहाबाद हाईकोर्ट के जस्टिस सुभाष विद्यार्थी ने सुनवाई से खुद को किया अलग

राहुल गांधी दोहरी नागरिकता केस: इलाहाबाद हाईकोर्ट के जस्टिस सुभाष विद्यार्थी ने सुनवाई से खुद को किया अलग। इलाहाबाद हाईकोर्ट में कांग्रेस नेता राहुल गांधी से जुड़े कथित दोहरी नागरिकता मामले में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। जस्टिस सुभाष विद्यार्थी ने इस मामले की सुनवाई से खुद को अलग कर लिया है। अब इस केस की सुनवाई किसी अन्य बेंच द्वारा की जाएगी।

राहुल गांधी दोहरी नागरिकता केस: इलाहाबाद हाईकोर्ट के जस्टिस सुभाष विद्यार्थी ने सुनवाई से खुद को किया अलग

पहले दिया था FIR का आदेश

पिछले हफ्ते कोर्ट ने राहुल गांधी के खिलाफ FIR दर्ज करने का आदेश दिया था। अदालत ने कहा था कि प्रथम दृष्टया मामला बनता है और राज्य सरकार चाहे तो इसे केंद्र को भेज सकती है। हालांकि बाद में कोर्ट ने अपने ही इस आदेश पर रोक लगा दी।

सुनवाई से अलग होने की वजह

जस्टिस सुभाष विद्यार्थी ने याचिकाकर्ता एस. विग्नेश शिशिर की सोशल मीडिया गतिविधियों पर नाराजगी जताई। कोर्ट ने कहा कि याचिकाकर्ता ने अदालत के आदेश को लेकर सोशल मीडिया पर सवाल उठाए और न्यायपालिका की नीयत पर संदेह जताने जैसा व्यवहार किया।

कोर्ट ने यह भी कहा कि याचिकाकर्ता कानूनी प्रक्रिया अपनाने के बजाय सोशल मीडिया पर राय मांग रहा था, जो उचित नहीं है। इन परिस्थितियों में जज ने निष्पक्षता बनाए रखने के लिए खुद को मामले से अलग कर लिया।

क्या है पूरा मामला

याचिकाकर्ता ने राहुल गांधी पर आरोप लगाया है कि वे ब्रिटेन की एक कंपनी में डायरेक्टर रहते हुए खुद को ब्रिटिश नागरिक बता चुके हैं। इसी आधार पर उनके खिलाफ आपराधिक कार्रवाई की मांग की गई है।

याचिका में भारतीय न्याय संहिता, पासपोर्ट एक्ट और विदेशी अधिनियम के तहत कार्रवाई की मांग की गई है। साथ ही यह भी कहा गया है कि यदि विदेशी नागरिकता साबित होती है, तो उनकी भारतीय नागरिकता समाप्त की जानी चाहिए। फिलहाल, मामले में अगली सुनवाई नई बेंच के समक्ष होगी।

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