जन-विश्वास अभियान 2026: सरकारी कॉलेजों और हॉस्टलों में अचानक पहुंचेंगे अफसर, 5 दिन में सुलझानी होगी समस्या
मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान-2026 के तहत उच्च शिक्षा विभाग ने जारी किए निर्देश; 5 दिन में करना होगा शिकायतों का समाधान

जन-विश्वास अभियान 2026: सरकारी कॉलेजों और हॉस्टलों में अचानक पहुंचेंगे अफसर, 5 दिन में सुलझानी होगी समस्या
जबलपुर। प्रदेश के शासकीय महाविद्यालयों और छात्रावासों में शिक्षा व्यवस्था तथा छात्र सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए राज्य सरकार ने कड़ा कदम उठाया है। ‘मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान-2026’ के तहत 7 अगस्त से 8 जनवरी 2027 तक प्रदेश के सभी सरकारी कॉलेजों और छात्रावासों का प्रत्येक शुक्रवार को नियमित निरीक्षण किया जाएगा।
उच्च शिक्षा विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र भ्रमण, निरीक्षण और जनसंवाद के जरिए विद्यार्थियों की शिकायतों का त्वरित समाधान करना है। साथ ही शासकीय योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन की निगरानी और लोक सेवाओं का समयबद्ध प्रदाय सुनिश्चित करना भी शामिल है।
इन व्यवस्थाओं की होगी गहन समीक्षा
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों द्वारा मुख्य रूप से निम्नलिखित बिंदुओं पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा:
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शैक्षणिक स्थिति: विद्यार्थियों की उपस्थिति, शिक्षण की गुणवत्ता, प्राध्यापकों एवं कर्मचारियों की उपलब्धता।
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मूलभूत सुविधाएं: छात्रावासों की स्थिति, प्रयोगशालाएं (Labs), पुस्तकालय (Library), पेयजल और स्वच्छता।
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लंबित प्रकरण: मुख्यमंत्री हेल्पलाइन और लोक सेवा गारंटी अधिनियम से जुड़ी लंबित शिकायतों के निराकरण की स्थिति परखी जाएगी।
किसकी होगी निरीक्षण की जिम्मेदारी?
निरीक्षण की प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए तीन स्तरों पर अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है:
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राज्य स्तर: मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव और आयुक्त (उच्च शिक्षा)।
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संभाग स्तर: अतिरिक्त संचालक (AD)।
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जिला स्तर: अग्रणी शासकीय महाविद्यालयों (Lead Colleges) के प्राचार्य।
प्रत्येक निरीक्षण के बाद निर्धारित प्रारूप में छात्र संख्या, शिक्षकों की स्थिति, प्रमुख समस्याओं और सुझावों का एक विस्तृत प्रतिवेदन तैयार किया जाएगा।
5 दिन में समाधान अनिवार्य, उच्च स्तर पर 2 दिन में भेजने का आदेश
उच्च शिक्षा विभाग ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि निरीक्षण के दौरान सामने आईं समस्याओं का समाधान संबंधित स्तर पर अधिकतम 5 कार्यदिवस के भीतर करना होगा। यदि किसी समस्या का हल स्थानीय स्तर पर संभव नहीं है, तो कारण दर्ज करते हुए उसे 2 दिन के भीतर सक्षम उच्च अधिकारियों को भेजना अनिवार्य होगा।
सुधार पर रहेगी सबकी नजर
हाल के दिनों में कॉलेज परिसरों में सुविधाओं की कमी और शिक्षकों के अभाव को लेकर सवाल उठते रहे हैं। ऐसे में देखना यह होगा कि सरकार का यह अभियान सिर्फ कागजी निरीक्षण तक सीमित रहता है या वास्तव में कॉलेजों की व्यवस्था में कोई बड़ा बदलाव लाता है। जन-विश्वास अभियान 2026: सरकारी कॉलेजों और हॉस्टलों में अचानक पहुंचेंगे अफसर, 5 दिन में सुलझानी होगी समस्या








