Jail Bureau Action: सतना जेल में गांजा, शराब और कैश पहुंचाने का ऑडियो वायरल; अधीक्षक लीना कोस्टा ने मुख्य प्रहरी को किया निलंबित
Jail Bureau Action: सतना जेल में गांजा, शराब और कैश पहुंचाने का ऑडियो वायरल; अधीक्षक लीना कोस्टा ने मुख्य प्रहरी को किया निलंबित
Jail Bureau Action: सतना जेल में गांजा, शराब और कैश पहुंचाने का ऑडियो वायरल; अधीक्षक लीना कोस्टा ने मुख्य प्रहरी को किया निलंबित
सतना: मध्य प्रदेश के सतना केंद्रीय कारागार (Satna Central Jail) के विन्यास और सुरक्षा व्यवस्था को तार-तार करने वाला एक बेहद कड़ा और सनसनीखेज मामला सामने आया है। जेल के भीतर कथित तौर पर गांजा, शराब और नकदी जैसी प्रतिबंधित वस्तुएं पहुंचाने से जुड़ा एक ऑडियो सोशल मीडिया पर तेजी से प्रसारित (वायरल) हो रहा है। इस ऑडियो के सामने आते ही जेल महकमे और विभागीय प्रशासनिक अमले में भारी हड़कंप मच गया है।
जेल अधीक्षक लीना कोस्टा का कड़ा एक्शन: मुख्य प्रहरी निलंबित
इस विधिक और गंभीर अनुशासनहीनता के मामले को अत्यंत कड़ाई से लेते हुए जेल अधीक्षक लीना कोस्टा ने मामले की गंभीरता के अनुसार तुरंत कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने त्वरित प्रशासनिक कार्रवाई सुनिश्चित करते हुए मामले में कथित रूप से संलिप्त संबंधित प्रमुख मुख्य प्रहरी को तत्काल प्रभाव से निलंबित (Suspend) कर दिया है। इसके साथ ही दोषी अधिकारी के खिलाफ कड़ी विभागीय जांच (Departmental Enquiry) भी शुरू कर दी गई है।
25 ग्राम गांजा, शराब और ₹5000 कैश का ‘कथित सौदा’
विभागीय सूत्रों और प्राप्त जानकारी के अनुसार, गुरुवार (04 जून) देर शाम सोशल मीडिया पर एक स्क्रीन-रिकॉर्डेड ऑडियो बहुप्रसारित हुआ।
- ऑडियो का विन्यास: इस ऑडियो में एक अज्ञात बाहरी युवक और जेल में पदस्थ प्रमुख मुख्य प्रहरी राजेन्द्र चौधरी के बीच कथित तौर पर पैसों और सामान के लेनदेन को लेकर कड़क बातचीत सुनाई दे रही है।
- प्रतिबंधित सामग्री की चर्चा: इस वायरल बातचीत में जेल की विधिक सीमाओं के भीतर 25 ग्राम गांजा, शराब की एक बोतल और 5 हजार रुपये नकद पहुंचाने की चर्चा होने का दावा किया जा रहा है।
- सामान रखवाने का दावा: ऑडियो विन्यास में कथित रूप से सामान को पहले किसी गुप्त स्थान पर रखवा देने और बाद में उसे वहां से सुरक्षित कलेक्ट कर लेने (लेने) की बात भी खुलकर सामने आई है।
नंबर विन्यास से खुला सुराग: जांच में जुटी टीमें
ऑडियो के सोशल मीडिया पर आते ही जेल प्रशासन और विभागीय खुफिया अधिकारियों की प्रारंभिक जांच शुरू हो गई, जिसमें तकनीकी स्तर पर कुछ महत्वपूर्ण सुराग हाथ लगे हैं:
- कॉल और रिकॉर्डिंग का खेल: प्रारंभिक जांच में सामने आया कि बातचीत के दौरान एक मोबाइल नंबर से सीधे कॉल की गई थी, जबकि दूसरे मोबाइल फोन के जरिए इस पूरी बातचीत को विधिक साक्ष्य या ब्लैकमेलिंग के उद्देश्य से रिकॉर्ड (स्क्रीन रिकॉर्डिंग) किया गया।
- नंबर का विन्यास: प्रसारित स्क्रीन रिकॉर्डिंग में जो मोबाइल नंबर साफ दिखाई दे रहा है, वह नंबर निलंबित प्रमुख मुख्य प्रहरी राजेन्द्र चौधरी का ही बताया जा रहा है।
- सत्यता की विधिक जांच: हालांकि, जेल प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह ऑडियो असल में किस तारीख को रिकॉर्ड किया गया था, यह अभी पूरी तरह स्पष्ट नहीं हो सका है। फॉरेंसिक और विभागीय स्तर पर इस ऑडियो की सत्यता और प्रामाणिकता की कड़क विधिक जांच की जा रही है।








