जबलपुर: सीनियर एडवोकेट और बार एसोसिएशन अध्यक्ष मृगेंद्र सिंह का व्हाट्सएप अकाउंट बैन, मामला पहुंचा हाई कोर्ट

जबलपुर: सीनियर एडवोकेट और बार एसोसिएशन अध्यक्ष मृगेंद्र सिंह का व्हाट्सएप अकाउंट बैन, मामला पहुंचा हाई कोर्ट
कानूनी / मध्य प्रदेश डेस्क। जबलपुर स्थित मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता और हाई कोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष मृगेंद्र सिंह ने बिना पूर्व सूचना और कारण बताए उनके दो व्हाट्सएप (WhatsApp) खातों को प्रतिबंधित (Ban) किए जाने के खिलाफ हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है।
याचिका में व्हाट्सएप की इस कार्रवाई को प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों और सूचना प्रौद्योगिकी नियम, 2021 (IT Rules, 2021) की शिकायत निवारण प्रक्रिया के खिलाफ बताया गया है। इस मामले पर कोर्ट में आज सुनवाई होनी है।
पेशेवर कामकाज और संवाद हुआ प्रभावित
याचिकाकर्ता की ओर से पैरवी कर रहे अधिवक्ता घूंचा रसूल के अनुसार:
पहला खाता बंद: सबसे पहले मृगेंद्र सिंह का मुख्य व्हाट्सएप अकाउंट बिना किसी कारण बताओ नोटिस (Show-Cause Notice) के अचानक ब्लॉक कर दिया गया, जिससे उनका पेशेवर कामकाज ठप हो गया।
दूसरा खाता भी हुआ बैन: पहले खाते के बंद होने पर उन्होंने एक नए मोबाइल नंबर से दूसरा व्हाट्सएप अकाउंट शुरू किया, लेकिन 4 अक्टूबर को उस नए खाते को भी बिना कोई कारण बताए बैन कर दिया गया।
मुवक्किलों से संपर्क टूटा: दोनों खाते बंद होने से मुवक्किलों, साथी वकीलों और अदालती मुकदमों से जुड़ा महत्वपूर्ण दैनिक संवाद पूरी तरह प्रभावित हुआ है।
व्हाट्सएप के ग्रीवांस ऑफिसर को भेजा था लीगल नोटिस
हाई कोर्ट में याचिका दायर करने से पहले याचिकाकर्ता ने व्हाट्सएप के गुरुग्राम स्थित शिकायत निवारण अधिकारी (Grievance Redressal Officer) को एक कानूनी नोटिस भेजा था:
48 घंटे की मोहलत: नोटिस के जरिए दोनों खातों को 48 घंटे के भीतर बहाल करने और अकाउंट्स बंद किए जाने की तकनीकी जांच रिपोर्ट मांगी गई थी।
कोई कार्रवाई नहीं: तय समयसीमा के भीतर व्हाट्सएप द्वारा कोई सकारात्मक कदम न उठाए जाने के बाद आखिरकार मामला हाई कोर्ट ले जाना पड़ा।
याचिका में की गई मुख्य मांगें
याचिकाकर्ता ने अदालत से निम्नलिखित राहत प्रदान करने का अनुरोध किया है:
खातों की बहाली: व्हाट्सएप को निर्देश दिया जाए कि उनके दोनों प्रतिबंधित खाते तत्काल प्रभाव से बहाल (Restore) किए जाएं।
आईटी मंत्रालय को निर्देश: केंद्र सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) को व्हाट्सएप की इस मनमानी कार्यप्रणाली के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए जाएं।







