Jabalpur Narmada Ghat Warning: उफनती नर्मदा में रील और सेल्फी का खूनी खेल, 2 मौतों के बाद भी तिलवाराघाट के डूबते पुल पर युवाओं का स्टंट
जान पर भारी 'रील और सेल्फी का शौक': जबलपुर में उफान पर नर्मदा, तिलवाराघाट के डूबते पुल पर खतरनाक स्टंट कर रहे युवा

Jabalpur Narmada Ghat Warning: उफनती नर्मदा में रील और सेल्फी का खूनी खेल, 2 मौतों के बाद भी तिलवाराघाट के डूबते पुल पर युवाओं का स्टंट
जबलपुर: संस्कारधानी जबलपुर में लगातार हो रही तेज बारिश के कारण मां नर्मदा का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है. हालांकि, जलस्तर बढ़ने और बढ़ते खतरे के बावजूद लोग अपनी जान जोखिम में डालने से बाज नहीं आ रहे हैं. तिलवाराघाट स्थित पुराना छोटा पुल पानी बढ़ते ही जलमग्न (डूबने) होने लगता है, इसके बावजूद युवा जानलेवा लापरवाही बरत रहे हैं.
पुल पर लगाए गए प्रशासनिक अवरोधों (Barricades) को लांघकर युवक नदी के मुहाने तक पहुंच रहे हैं. कोई सोशल मीडिया के लिए ‘रील’ (Reels) बना रहा है तो कोई किनारे पर खड़े होकर सेल्फी और खतरनाक स्टंट कर रहा है. कुछ सिरफिरे युवक तो सीधे उफनती नदी में छलांग लगा रहे हैं.
2 युवकों की जा चुकी है जान, फिर भी सबक नहीं
हाल ही में उफनती नर्मदा नदी में स्टंटबाजी और नहाने की लापरवाही के चलते दो युवकों की दर्दनाक मौत हो चुकी है, लेकिन इसके बावजूद घाटों पर हालात नहीं बदले हैं.
ताजा मामला तिलवारा घाट का ही है, जहाँ रांझी निवासी शशांक उर्फ संदेश कोल अपने दोस्तों के साथ नहाने गया था. गहरे पानी का अंदाजा न होने के कारण वह तेज बहाव में बह गया और डूबने से उसकी मौत हो गई. इसके बावजूद रोजाना सैकड़ों युवा गौरीघाट, तिलवाराघाट, भेड़ाघाट और बरगी डैम के आसपास पिकनिक मनाने और खतरनाक स्टंट करने पहुँच रहे हैं.
पुलिस पेट्रोलिंग न के बराबर, नाविक ही बन रहे ‘देवदूत’
स्थानीय लोगों का आरोप है कि पुलिस प्रशासन की ढिलाई के कारण ही लोग आसानी से प्रतिबंधित और खतरनाक क्षेत्रों में चले जाते हैं:
-
पेट्रोलिंग की कमी: घाटों और डूब क्षेत्र वाले पुलों पर पुलिस की नियमित तैनाती या पेट्रोलिंग नहीं होती, जिससे असामाजिक और बेपरवाह तत्व बेखौफ घूमते हैं.
-
स्थानीय नाविक ही सहारा: जब भी कोई बड़ा हादसा होता है, तो पुलिस या होमगार्ड के पहुँचने से पहले स्थानीय मल्लाह (नाविक) और गोताखोर ही अपनी जान पर खेलकर सबसे पहले राहत और बचाव कार्य में जुटते हैं.
प्रशासन की इस ढिलाई के कारण कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है. स्थानीय नागरिकों ने मांग की है कि बारिश के मौसम में नर्मदा के सभी प्रमुख घाटों और जलमग्न पुलों पर स्थायी पुलिस बल तैनात किया जाए और बैरिकेडिंग को सख्त किया जाए.








