Thursday, May 28, 2026
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IPS Ramya Bharti Controversy: मासूम से दरिंदगी पर प्रेस कॉन्फ्रेंस से पहले IPS रम्या भारती की ‘हंसी’ पर मचा बवाल; सोशल मीडिया पर फूटा लोगों का गुस्सा

IPS Ramya Bharti Controversy: मासूम से दरिंदगी पर प्रेस कॉन्फ्रेंस से पहले IPS रम्या भारती की ‘हंसी’ पर मचा बवाल; सोशल मीडिया पर फूटा लोगों का गुस्सा

कोयंबटूर/चेन्नई: तमिलनाडु के कोयंबटूर में 10 साल की मासूम बच्ची के साथ सामूहिक दुष्कर्म और उसकी नृशंस हत्या के मामले में पुलिस प्रशासन की संवेदनशीलता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। मामले को लेकर बुलाई गई एक महत्वपूर्ण प्रेस कॉन्फ्रेंस का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने एक नए बड़े विवाद को जन्म दे दिया है। वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि देश को झकझोर देने वाली इस घटना पर मीडिया को ब्रीफ करने से ठीक पहले कुछ सीनियर पुलिस अधिकारी आपस में हंसते और मुस्कुराते नजर आ रहे हैं। इस वीडियो में तमिलनाडु कैडर की सीनियर आईपीएस अधिकारी आर. वी. रम्या भारती (IPS R. V. Ramya Bharti) भी मुस्कुराती दिख रही हैं, जिसके बाद सोशल मीडिया पर उनकी संवेदनशीलता और रवैये को लेकर तीखी आलोचना शुरू हो गई है।

 कौन हैं IPS आर. वी. रम्या भारती?

विवादों में घिरीं आर. वी. रम्या भारती तमिलनाडु पुलिस और प्रशासनिक हलकों में एक बेहद रसूखदार और सीनियर नाम हैं:

  • 2008 बैच की अधिकारी: रम्या भारती तमिलनाडु कैडर की 2008 बैच की आईपीएस (IPS) अधिकारी हैं। उन्होंने सिविल सेवा परीक्षा पास कर 1 सितंबर 2008 को पुलिस सेवा जॉइन की थी।
  • शैक्षणिक योग्यता: उन्होंने समाजशास्त्र (Sociology) में बीए (BA) किया है। इसके अलावा, अपराधों की तकनीकी समझ के लिए उन्होंने साइबर फॉरेंसिक में एमएससी (M.Sc in Cyber Forensics) की डिग्री भी हासिल की है।IPS Ramya Bharti Controversy: मासूम से दरिंदगी पर प्रेस कॉन्फ्रेंस से पहले IPS रम्या भारती की ‘हंसी’ पर मचा बवाल; सोशल मीडिया पर फूटा लोगों का गुस्सा

करियर ग्राफ़: कई जिलों की रह चुकी हैं कप्तान (SP)

अपने करीब 18 साल के लंबे पुलिस करियर में रम्या भारती ने राज्य और केंद्र स्तर पर कई बड़ी जिम्मेदारियां संभाली हैं:

  • ज़िलों की कमान: वे तमिलनाडु के कोयंबटूर, तिरुवन्नामलाई और मदुरै जैसे बड़े और संवेदनशील जिलों में बतौर एसपी (SP) तैनात रह चुकी हैं।
  • मेट्रो शहरों में दबदबा: उन्होंने चेन्नई में जॉइंट कमिश्नर और कोलकाता जैसे महानगर में डिप्टी कमिश्नर के तौर पर भी काम किया है।
  • डेप्युटेशन (केंद्र सरकार): केंद्रीय प्रतिनियुक्ति के दौरान उन्होंने नागरिक उड्डयन मंत्रालय के तहत ‘ब्यूरो ऑफ सिविल एविएशन सिक्योरिटी’ (BCAS) में डिप्टी डायरेक्टर जनरल के पद पर काम किया। इस दौरान उन पर देश के हवाई अड्डों की सुरक्षा ऑडिट और इंटरनेशनल एविएशन सिक्योरिटी स्टैंडर्ड्स की निगरानी का जिम्मा था।

दिल दहला देने वाला था पूरा मामला

जिस मामले की प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह लापरवाही भरा रवैया दिखा, वह घटना बेहद खौफनाक है। कोयंबटूर के सुलूर इलाके में बीते 21 मई को एक 10 साल की मासूम बच्ची अचानक अपने घर के बाहर से लापता हो गई थी।

परिजनों की शिकायत के बाद पुलिस ने कई खोजी टीमें बनाईं। जांच के दौरान पुलिस ने मुख्य आरोपी कार्तिक को गिरफ्तार किया। पुलिस पूछताछ और जांच में सामने आया कि आरोपी ने मासूम बच्ची को अगवा कर उसके साथ कथित तौर पर रेप (दरिंदगी) किया और पहचान छुपाने के लिए उसकी बेरहमी से हत्या कर दी थी।

ऐसे संवेदनशील और वीभत्स मामले पर प्रेस के सामने आने से ठीक पहले अधिकारियों का यह गैर-जिम्मेदाराना व्यवहार लोगों के गले नहीं उतर रहा है और लोग आरोपी के साथ-साथ इन अधिकारियों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

Usha Pamnani

20 वर्षों से डिजिटल एवं प्रिंट मीडिया की पत्रकारिता में देश-विदेश, फ़िल्म, खेल सहित सामाजिक खबरों की एक्सपर्ट, वर्तमान में यशभारत डॉट कॉम में वरिष्ठ जिला प्रतिनिधि