जबलपुर: मोतियाबिंद ऑपरेशन के क्लेम में बीमा कंपनी ने की अवैध कटौती, उपभोक्ता आयोग ने ठोका जुर्माना; 6 हजार ब्याज व हर्जाना देने का आदेश
जबलपुर। मोतियाबिंद के इलाज के लिए प्रस्तुत बीमा दावे में मनमाने ढंग से कटौती करना इंश्योरेंस कंपनी को भारी पड़ गया। जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोषण आयोग क्रमांक-1 (जबलपुर) ने यूनिवर्सल सोम्पो जनरल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड को अनुचित कटौती के लिए जिम्मेदार ठहराते हुए परिवाद को आंशिक रूप से स्वीकार कर लिया है। आयोग ने बीमा कंपनी को काटी गई राशि ब्याज सहित लौटाने के साथ-साथ मानसिक क्षतिपूर्ति और वाद व्यय का भुगतान करने के कड़े निर्देश दिए हैं।
5 लाख की पॉलिसी के बावजूद काटा था क्लेम
प्रकरण के अनुसार, जबलपुर निवासी अरुण कुमार पचौरी ने यूनिवर्सल सोम्पो जनरल इंश्योरेंस कंपनी से 5 लाख रुपये की बीमित राशि (Sum Insured) वाली हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी ले रखी थी। पॉलिसी की वैधता अवधि के दौरान उनकी पत्नी की दाहिनी और बाईं, दोनों आंखों में मोतियाबिंद (Cataract) के ऑपरेशन कराए गए।
परिवादी के मुताबिक, दोनों आंखों के इलाज और ऑपरेशन पर कुल 80,000 – 80,000 रुपये (कुल 1,60,000 रुपये) का खर्च आया। बीमा कंपनी ने बिना किसी ठोस कारण के दोनों दावों में से केवल 27,500 – 27,500 रुपये (कुल 55,000 रुपये) का ही भुगतान किया और शेष राशि अनुचित तरीके से काट ली।
उपभोक्ता आयोग का सख्त फैसला
असंतोषजनक भुगतान से व्यथित होकर बीमित अरुण कुमार पचौरी ने जिला उपभोक्ता आयोग का दरवाजा खटखटाया। मामले की सुनवाई और प्रस्तुत साक्ष्यों का अनुशीलन करने के बाद आयोग ने पाया कि बीमा कंपनी ने क्लेम में अनुचित कटौती कर सेवा में कमी (Deficiency in Service) की है।
आयोग ने सर्वसम्मति से निर्णय सुनाते हुए बीमा कंपनी को निम्नलिखित आदेश दिए हैं:
अनुचित रूप से काटी गई 6,000 रुपये की राशि 6 प्रतिशत वार्षिक ब्याज के साथ परिवादी को अदा की जाए।परिवादी को हुए मानसिक संताप और कानूनी लड़ाई के खर्च के एवज में 5,000 रुपये (मानसिक क्षतिपूर्ति व वाद व्यय) का पृथक से भुगतान किया जाए। जबलपुर: मोतियाबिंद ऑपरेशन के क्लेम में बीमा कंपनी ने की अवैध कटौती, उपभोक्ता आयोग ने ठोका जुर्माना; 6 हजार ब्याज व हर्जाना देने का आदेश

