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कटनी: डॉक्टर की अल्ट्रासाउंड मशीन खराब होने पर क्लेम रोकने वाली बीमा कंपनी को न्यायालय ने फटकारा, हर्जाने के साथ भुगतान का आदेश

उपभोक्ता आयोग का बड़ा फैसला: नेशनल इन्शुरेंस कंपनी को डॉक्टर को हर्जाना देने का आदेश

कटनी: डॉक्टर की अल्ट्रासाउंड मशीन खराब होने पर क्लेम रोकने वाली बीमा कंपनी को न्यायालय ने फटकारा, हर्जाने के साथ भुगतान का आदेश

कटनी। जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग, कटनी द्वारा जनहित में एक महत्वपूर्ण निर्णय पारित किया गया है। आयोग ने एक डेंटिस्ट/चिकित्सक के पक्ष में फैसला सुनाते हुए बीमा कंपनी की सेवा में कमी पाई है और उसे हर्जाने के साथ क्लेम राशि भुगतान करने का आदेश दिया है।

​कटनी शहर की प्रतिष्ठित चिकित्सक डॉक्टर उमा निगम ने अपने चिकित्सालय (क्लिनिक) के लिए एक ‘कलर डॉप्लर अल्ट्रासाउंड स्कैनर’ मशीन खरीदी थी। इस कीमती मशीन का बीमा नेशनल इन्शुरेंस कंपनी लिमिटेड से कराया गया था।

​नवंबर 2021 में अचानक इस उपकरण की इमेज क्वालिटी खराब हो गई और कलर डॉप्लर ने पूरी तरह काम करना बंद कर दिया। डॉ. उमा निगम ने इसकी सूचना तुरंत निर्माता कंपनी को दी। कंपनी के तकनीशियन (Technician) ने जांच के बाद खराबी का कारण ‘प्रोब फेल्योर’ (Probe Failure) बताया और इसके सुधार कार्य (रिपेयरिंग) के लिए 3,30,400 रुपये लिए।

​बीमा कंपनी ने खारिज कर दिया था दावा

​जब डॉ. उमा निगम ने इस वित्तीय नुकसान की भरपाई के लिए अपनी बीमा कंपनी ‘नेशनल इन्शुरेंस’ के समक्ष दावा (Claim) प्रस्तुत किया, तो बीमा कंपनी ने मशीन में हुई इस क्षति को ‘ब्रेकडाउन’ के अंतर्गत मानने से इनकार कर दिया और दावे को निरस्त (Reject) कर दिया।

​न्यायालय में चली कानूनी लड़ाई

​बीमा कंपनी द्वारा दावा निरस्त किए जाने के बाद, डॉ. उमा निगम ने अपने अधिवक्ता शाहनवाज खान (एडवोकेट) के माध्यम से जिला उपभोक्ता आयोग में न्याय के लिए प्रकरण प्रस्तुत किया।

​सुनवाई के दौरान बीमा कंपनी अपने बचाव में कोई भी ठोस दस्तावेज या साक्ष्य प्रस्तुत करने में पूरी तरह नाकाम रही। वहीं, आवेदक के अधिवक्ता श्री शाहनवाज खान ने न्यायालय के समक्ष मजबूत तर्क और पूर्व के न्याय दृष्टांत (कानूनी उदाहरण) पेश किए।

​उपभोक्ता आयोग का अंतिम आदेश

​मामले की गंभीरता और सबूतों को देखते हुए जिला उपभोक्ता आयोग के विद्वान अध्यक्ष श्री सनत कुमार कश्यप एवं सदस्य  रेखा पांडे ने बीमा कंपनी को दोषी पाया और निम्नलिखित आदेश पारित किया:

बीमा कंपनी आदेश दिनांक से 45 दिनों के भीतर डॉ. उमा निगम को 3,13,880 रुपये का भुगतान करेगी।इस राशि पर दिनांक 01/02/2021 से लेकर वास्तविक भुगतान की दिनांक तक 9 प्रतिशत वार्षिक दर से ब्याज भी देना होगा। सेवा में कमी (Deficiency of Service) के लिए बीमा कंपनी को 5,000 रुपये अतिरिक्त हर्जाना देना होगा। कटनी: डॉक्टर की अल्ट्रासाउंड मशीन खराब होने पर क्लेम रोकने वाली बीमा कंपनी को न्यायालय ने फटकारा, हर्जाने के साथ भुगतान का आदेश

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