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दानवीर कर्ण की नगरी बिलहरी की ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण की पहल, तीन मंजिला बावली की सफाई शुरू

दानवीर कर्ण की नगरी बिलहरी की ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण की पहल, तीन मंजिला बावली की सफाई शुर

 

कटनी। दानवीर राजा कर्ण की प्राचीन नगरी पुष्पावती (बिलहरी) अपनी समृद्ध ऐतिहासिक एवं पुरातात्विक धरोहरों के लिए प्रसिद्ध है। यहां मौजूद प्राचीन बावलियां, मंदिर, शिलाएं और दुर्लभ प्रतिमाएं संरक्षण की प्रतीक्षा कर रही हैं।

हाल ही में जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत पुरातत्व प्रेमियों एवं समाजसेवियों ने जिला पंचायत के सचिव से मुलाकात कर बिलहरी की प्राचीन बावलियों की सफाई एवं मरम्मत कराने का आग्रह किया था। इस मांग पर सकारात्मक पहल करते हुए जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी हरसिमरन कौर के निर्देश पर ग्राम पंचायत के माध्यम से बिलहरी स्थित ऐतिहासिक तीन मंजिला बावली की सफाई का कार्य प्रारंभ करा दिया गया है।

रविवार को पुरातत्वविद् एवं समाजसेवी राजेन्द्र सिंह, डॉ. ए.के. खान तथा समाजसेवी अजय सरावगी ने स्थल का निरीक्षण कर बावली सहित अन्य ऐतिहासिक धरोहरों का अवलोकन किया। उन्होंने कहा कि कटनी जिले में बड़ी संख्या में प्राचीन प्रतिमाएं, शिलालेख, मंदिर अवशेष और अन्य पुरातात्विक धरोहरें मौजूद हैं, जिनके संरक्षण एवं संवर्धन के लिए ठोस प्रयास किए जाने की आवश्यकता है।

उन्होंने बताया कि कटनी में पुरातत्व विभाग का पृथक कार्यालय एवं संरक्षण केंद्र स्थापित करने की मांग को लेकर शीघ्र ही प्रदेश के मुख्यमंत्री से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा जाएगा, ताकि जिले की अमूल्य ऐतिहासिक विरासत को सुरक्षित रखा जा सके और आने वाली पीढ़ियों तक संरक्षित रूप में पहुंचाया जा सके।

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