Indian Railway Food Price Hike: रेल यात्रियों को बड़ा झटका-1 जून से महंगा होगा स्टेशनों पर मिलने वाला खाना; रेलवे ने जारी की 33 व्यंजनों की नई रेट लिस्ट
नई दिल्ली: महंगाई की मार अब रेल सफर के दौरान मिलने वाले खाने-पीने के सामान पर भी पड़ने जा रही है। तेल और कमर्शियल गैस (LPG) की लगातार बढ़ती कीमतों का असर देखते हुए भारतीय रेल के मध्य रेलवे (Central Railway) और उत्तर रेलवे (Northern Railway) ने स्टेशनों पर बिकने वाले खाद्य पदार्थों की कीमतें बढ़ाने की आधिकारिक मंजूरी दे दी है। रेलवे स्टेशनों पर मिलने वाले खान-पान की यह नई और संशोधित कीमतें 1 जून 2026 से पूरे देश में लागू हो जाएंगी। रेलवे बोर्ड से हरी झंडी मिलने के बाद सोमवार, 25 मई को ही इस फैसले पर अंतिम मुहर लगा दी गई थी।
33 व्यंजनों के दाम बढ़े, 16 आइटम्स के रेट में कोई बदलाव नहीं
रेलवे द्वारा जारी आधिकारिक नोटिफिकेशन के मुताबिक, स्टेशनों पर मिलने वाले खाने के मेनू में बड़ा बदलाव किया गया है:
- 33 व्यंजनों की नई लिस्ट: कुल 33 ‘ए-ला-कार्टे’ (अलग से ऑर्डर किए जाने वाले) खाद्य पदार्थों और व्यंजनों के टैरिफ/दरों में बढ़ोतरी की गई है।
- 16 व्यंजन रहेंगे यथावत: यात्रियों को थोड़ी राहत देते हुए 16 बुनियादी व्यंजनों की कीमतों में किसी भी तरह का कोई बदलाव नहीं किया गया है, वे पुराने रेट पर ही मिलते रहेंगे।
‘दाम बढ़े हैं तो खाने की क्वालिटी भी सुधरनी चाहिए’ — उत्तर रेलवे का सख्त निर्देश
उत्तर रेलवे ने इस संबंध में सभी रेल डिवीजनों और वेंडर्स के लिए एक सख्त गाइडलाइन जारी की है। नोटिफिकेशन में साफ कहा गया है:
सभी लाइसेंसधारियों (स्टॉल मालिकों) को स्पष्ट रूप से समझाया जाना चाहिए कि कीमतों में इस बढ़ोतरी का सीधा असर खाद्य वस्तुओं की गुणवत्ता (Quality) और मात्रा (Quantity) में सुधार के रूप में दिखना चाहिए। रेट बढ़ाने का मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि यात्रियों को खराब खाना परोसा जाए। Indian Railway Food Price Hike: रेल यात्रियों को बड़ा झटका-1 जून से महंगा होगा स्टेशनों पर मिलने वाला खाना; रेलवे ने जारी की 33 व्यंजनों की नई रेट लिस्ट
इसके साथ ही रेलवे ने कुछ और अहम निर्देश दिए हैं:
- द्विभाषी रेट लिस्ट: सभी कैटरिंग यूनिट्स और स्टॉलों पर नया मेनू और बढ़ा हुआ रेट कार्ड हिंदी और अंग्रेजी (दो भाषाओं में) यात्रियों के सामने प्रमुखता से डिस्प्ले करना अनिवार्य होगा।
- ओवरचार्जिंग पर कड़ा एक्शन: तय कीमत से ज्यादा वसूलने वाले वेंडर्स पर नकेल कसने के लिए औचक निरीक्षण और जांच के आदेश दिए गए हैं।
- 6 महीने बाद समीक्षा: नए टैरिफ के लागू होने के 6 महीने बाद सभी डिवीजनों में बिक्री और फीडबैक का मूल्यांकन किया जाएगा, जिसके आधार पर वेंडर्स के लाइसेंस शुल्क की समीक्षा होगी।
अन्य रेलवे जोन भी बढ़ा सकते हैं दाम
मध्य और उत्तर रेलवे द्वारा कीमतें बढ़ाए जाने के बाद अब यह माना जा रहा है कि देश के अन्य रेलवे जोन (जैसे पश्चिम रेलवे, पूर्वोत्तर रेलवे आदि) भी आगामी दिनों में अपने स्टेशनों पर कैटरिंग की कीमतों में बढ़ोतरी को मंजूरी दे सकते हैं। ऐसे में 1 जून से ट्रेन सफर के दौरान खान-पान का बजट थोड़ा बढ़ने वाला है।

