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Indian Railway Award: चालकों को बहादुरी के लिए सम्मानित करने के बाद रेलवे ने किया सतर्क, कहा- ऐसे जोखिम न लें

Indian Railway Award: चालकों को बहादुरी के लिए सम्मानित करने के बाद रेलवे ने किया सतर्क, कहा- ऐसे जोखिम न लें

Indian Railway Award: चालकों को बहादुरी के लिए सम्मानित करने के बाद रेलवे ने किया सतर्क, कहा- ऐसे जोखिम न लें, उत्तर-पूर्व रेलवे ने अपने सभी विभागों को एक लिखित परामर्श जारी किया है। इसमें कहा गया है कि किसी भी स्थिति में लोको पायलट और सह लोको पायलट द्वारा ट्रेन का इंजन खाली न छोड़ा जाए। रेलवे ने उस घटना का जिक्र किया है, जिसमें चालक दल द्वारा ट्रेन संचालन के दौरान एक पुल में आई खामी को ठीक किया था। इसके बाद चालक दल को सम्मानित किया गया था।

20 जून की घटना का दिया गया हवाला

आपको बता दें कि यह घटना 20 जून की है। ट्रेन नंबर 05497 (नरकटियागंज-गोरखपुर एक्सप्रेस) वाल्मीकिनगर और पनियाह्वा के बीच एक पुल के ऊपर से गुजर रही थी और इस दौरान पुल में कुछ गड़बड़ी आ गई थी। इसके बाद लोको पायलट और सह लोको पायलट इंजन से बाहर निकले और घुटने के बल रेंगकर पुल की उस जगह पर पहुंचे, जहां तकनीक खामी आई थी। दोनों ने इस खामी को दूर किया और फिर वापस आकर ट्रेन का संचालन किया। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मंडलीय रेलवे प्रबंधन ने एक लिखित में बयान जारी किया था। इसमें, चालक दल की बहादुरी की तारीफ की गई थी। इसके अलावा लोको पायलट और सह लोको पायलट को 10-10 हजार रुपये ईनाम दिया था।

‘अनिवार्य रूप से नियमों का पालन करें’

अब उत्तर-पूर्व रेलवे द्वारा संबंधित विभागों को लिखित परामर्श जारी किया गया है। इसमें कहा गया है कि लोको पायलट अपनी ड्यूटी के दौरान इंजन को खाली नहीं छोड़ सकते। आगे कहा गया है कि कहीं पर कुछ खामी नजर आती है और अगर ऐसे हालात में ड्राइवर का उस जगह पर पहुंचना मुश्किल है, तो संबंधित विभाग से बात की जा सकती है। परामर्श में चालक दलों से अनिवार्य रूप से इस नियम का पालन करने के निर्देश दिए गए हैं।

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