दिल्ली के द्वारका में राष्ट्रपति मुर्मु ने किया रावण दहन, कहा- ‘समानता और समावेशिता के राम-आदर्शों पर आगे बढ़ रहा भारत’
नई दिल्ली (विशेष संवाददाता): विजयादशमी के पावन अवसर पर देशभर में अधर्म पर धर्म और असत्य पर सत्य की विजय का पर्व ‘दशहरा’ धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने मंगलवार को दिल्ली के द्वारका (सेक्टर-10) स्थित ‘श्री रामलीला कमिटी’ के दशहरा महोत्सव में मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। राष्ट्रपति ने प्रतीकात्मक तीर चलाकर रावण के पुतले का दहन किया और समस्त देशवासियों को विजयादशमी की बधाई दी।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु का संदेश
समारोह को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति ने कहा:
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धर्म और नैतिक आचरण के आदर्श: “प्रभु श्रीराम धर्म, सत्य और न्याय की साक्षात प्रतिमूर्ति हैं। रामलीलाओं के माध्यम से लोगों को उनके जीवन के महान आदर्शों की प्रेरणा मिलती है।”
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पर्यावरण संरक्षण व संविधान: उन्होंने भारतीय संस्कृति में प्रकृति के सम्मान का उल्लेख करते हुए कहा कि नदियों, वनों और वन्यजीवों की रक्षा हमारे संविधान के मूल कर्तव्यों में भी शामिल है।
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बदलता भारत: राष्ट्रपति ने खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि “आज का भारत प्रभु राम द्वारा दर्शाए गए समानता और समावेशिता के आदर्शों पर लगातार आगे बढ़ रहा है।”
समारोह में दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की उपस्थिति
कार्यक्रम में दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता भी विशेष रूप से उपस्थित रहीं। उन्होंने इस अवसर पर कहा कि प्रभु श्रीराम के हाथों रावण का वध अधर्म और अहंकार के अंत का शाश्वत संदेश है। दिल्ली के द्वारका में राष्ट्रपति मुर्मु ने किया रावण दहन, कहा- ‘समानता और समावेशिता के राम-आदर्शों पर आगे बढ़ रहा भारत’
मुख्यमंत्री ने कहा, “विजयादशमी का पावन पर्व हमें मर्यादा पुरुषोत्तम के बताए सत्य और सदाचार के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। प्रभु राम का आशीर्वाद समस्त दिल्लीवासियों पर बना रहे और हर घर में सुख-समृद्धि आए।”
पीएम मोदी ने आईपी एक्सटेंशन में लिया भाग
इसी कड़ी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी पूर्वी दिल्ली के आईपी एक्सटेंशन में आयोजित दशहरा समारोह में हिस्सा लिया। पीएम मोदी ने अपने संबोधन में देशवासियों का आह्वान करते हुए कहा कि “हमें मां भारती के शत्रुओं को पहचानना होगा और एकजुट होकर उन्हें परास्त करना होगा।”

