एनजाइना (angina): हृदय की मांसपेशियों में रक्त का प्रवाह कम होने से छाती में भारीपन, दर्द और बेचैनी महसूस हो सकती है। ऐसे में व्यक्ति को छाती में अधिक दबाव का अनुभव होता है। इस स्वास्थ्य स्थिति को नजरअंदाज न करें, इसे फौरन चिकित्सीय देखभाल की आवश्यकता होती है।
हार्ट अटैक (heart attack): हार्ट अटैक की स्थिति में कोरोनरी आर्टिरीज ब्लॉक हो जाती हैं, इसमें रुकावट के कारण छाती में भारीपन, दर्द या दबाव महसूस हो सकता है। यह एक आपातकालीन स्थिति है, जिस पर व्यक्ति को फौरन ध्यान देने की आवश्यकता होती है।
अगर आप भी छाती में भारीपन महसूस करते हैं तो जानें छाती में भारीपन होने का कारण
2. रेस्पिरेटरी समस्याएं (respiratory problems)
अस्थमा (asthma): एयरवेज में सूजन और कसावट के कारण छाती में भारीपन, घरघराहट या सांस लेने में तकलीफ हो सकती है। यह अक्सर एलर्जी, एक्सरसाइज या तनाव के कारण होता है।
क्रॉनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज (COPD): फेफड़ों के डैमेज होने के कारण छाती में भारीपन, खांसी या सांस लेने में तकलीफ हो सकती है। यह अक्सर धूम्रपान या फेफड़ों को परेशान करने वाले अन्य पदार्थों के लंबे इस्तेमाल से होता है।
गैस्ट्रोसोफेजियल रिफ्लक्स डिजीज (जीईआरडी): पेट का एसिड वापस एसोफैगस में बहने से सीने में भारीपन या उल्टी हो सकती है। यह अक्सर मसालेदार भोजन, खट्टे फल या खाने के बाद लेटने से शुरू होता है।
पित्ताशय की पथरी (gallstones): बाईल डक्ट में रुकावट सीने में भारीपन, पेट में दर्द या मतली का कारण बन सकता है। यह अक्सर पित्ताशय की पथरी या पित्ताशय की सूजन के कारण होता है।