क्या आप भी अपने घर पर स्टिचिंग करते हैं तो स्टिचिंग करते वक्त कई परेशानियों का सामना करना पड़ता है तो आईए दूर करें ऐसे

क्या आप भी अपने घर पर स्टिचिंग करते हैं तो स्टिचिंग करते वक्त कई परेशानियों का सामना करना पड़ता है तो आईए दूर करें ऐसे

कोरोना महामारी के दौरान कई महिलाओं ने घर पर ही कपड़े सिलाई करना शुरू कर दिया है। जब भी समय मिलता है वह कपड़े सिलाई करने बैठ जाती हैं । नई मशीन कुछ दिनों तक तो ठीक से काम करती हैं, लेकिन कुछ समय बाद छोटी-छोटी समस्या आने लगती हैं। जिसकी वजह से कई महिलाएं मशीन को वैसे ही छोड़ देती हैं और बाहर से कपड़े सिलवाना शुरू कर देती हैं।

 

Rakhi Celebration तो लेडिज, आज हम आपको बताते हैं कुछ बुनियादी समस्या और उसके समाधान जिनको आप आसानी से फॉलो कर सकती हैं।

समस्या- बार-बार धागा टूटना

समाधान- क्या आप जब भी कपड़े की सिलाई करने बैठती हैं तो बार-बार मशीन का धागा टूट जाता है? इसकी कई वजह हो सकती है। पहला ये कि लंबे समय से मशीन ना इस्तेमाल करनाजिसकी वजह से उसमें धूल जम जाती है और धागा फ्लो में नहीं चल पाता। इसलिए मशीन को निश्चित अंतराल के बाद साफ करती रहें। साथ ही ये भी चेक करें कि आप जो धागा इस्तेमाल कर रही हैं वे कच्चा तो नहीं है क्योंकि कई बार ऐसा होता है कि धागा तनाव में आकर टूट जाता है।

क्या आप भी अपने घर पर स्टिचिंग करते हैं तो स्टिचिंग करते वक्त कई परेशानियों का सामना करना पड़ता है तो आईए दूर करें ऐसे

समस्या- सुई का टूट जाना

समाधान- सिलाई मशीन इस्तेमाल करते वक्त ये जानना ज़रूरी है कि क्या आप सही सुई का इस्तेमाल कर रही हैं? क्योंकि सिलाई मशीन में सुई की सेटिंगकपड़े के हिसाब से बदलनी पड़ती है। सुई का नंबर उपयोग के आधार पर 8 से 18 तक हो सकता है। शिफॉन, रेशम, नाजुक और हल्के कपड़े के लिए लगभग 9 से 11 नंबर की सुई बेहतर काम करती है और वजनदार कपड़े जैसे लिनन, सिंथेटिक साबर के लिए 14 नंबर की सुई अच्छा काम करती है। अगर आप इस बात का ध्यान रखेंगी तो सुई बार-बार नहीं टूटेगी।

समस्या- मशीन भारी चलना

समाधान-कभी-कभी मशीन चलाने के लिए हमें बहुत जोर लगाना पड़ता है क्योंकि वह बहुत भारी चल रही होती है। ऐसे में आप मशीन के शटल केस के दोनों पेच ढीले कर दें और उसे बाहर निकालें । इसकी अच्छे से सफाई कीजिए और फिर कोई पुराने कपड़े पर चलाकर देखें कि मशीन सही चल रही है कि नहीं। इसी बीच सुईको भी देख लें कि सुई ठीक से लगी है, टेढ़ी-मेढ़ी तो नहीं लगी।

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