महिलाएं जिद करना और पुरूष क्रोध करना छोड़ दे तो घर स्वर्ग बन सकता है-पदम सागर महराज, दशलक्षण पर्व के दूसरे दिन मुनिश्री के प्रेरक उद्गार

कटनी(YASHBHARAT.COM)। दिगम्बर जैन समाज पंचायत समिति के द्वारा आयोजित दशलक्षण पर्व के दूसरे दिन जैन बोर्डिंग हाउस में परम पूज्य मुनि पदम सागर महाराज ने उत्तम मार्दव धर्म पर चर्चा करते हुये कहां कि मान के कारण रावण जिसके पास 1 लख पूत, सवा लाख हाथी, रावण के घर ना दिया ना बाती, मुनिश्री ने कहां रावण का पूरे परिवार सहित विनाश हो गया मान के कारण दुनिया में बड़े-बड़े युद्ध एवं विवाद होते हैं। इससे बचने के लिये अपने अंदर बैठे मान को हटाये तभी आपका जीवन शांतिमय बन सकता है। उन्होंने ने आगे कहा कि जो क्रोध धारण करता है वह लोहे के सामान है और जो मौन धारण करता है वह सोने के सामान रहता हैं। यदि क्षमा हमारे जीवन में आ जाये तो बाकी धर्म अपने आप हमारे जीवन में आ जायेगें। मुनिश्री ने आगे कहां कि क्षमा आत्मा का गुण है, शाश्वत है इसलिए शाश्वत धर्म को अपनाना चाहिए। 06 माह से कसाय करने वाले व्यक्ति को अनेक भव तक इसका फल भोगना पड़ता है। अत: कसाय का त्याग करें उन्होंने ने आगे कहा कि यदि महिलाएं जिद्द करना छोड़ दे और पुरूष कोध्र करना छोड़ दे तो आपको घर स्वर्ग बन सकता है। कार्यक्रम में शांतिधारा करने का सौभाग्य अरविन्द्र कुमार कोयला, रमेशचंद भजनसागर, राजेश जैन घूघंट, पंचायत अध्यक्ष संजय जैन, प्रवीण जैन, विक्की जैन, गुरूभक्त परिवार एवं तत्वार्थ सूत्र का अर्घ चढ़ाने का सौभाग्य रात्रिकालीन पाठशाला के बालक बालिकाओं को प्राप्त हुआ।