कलाई पर बने हैं ये खास निशान, तो 35 की उम्र के बाद चमकेगी किस्मत; जानें मणिबंध के शुभ और अशुभ संकेत
भोपाल: हस्तरेखा शास्त्र के अनुसार हाथ की हथेली के साथ-साथ कलाई यानी मणिबंध पर बनने वाली रेखाएं और विशेष चिह्न भी व्यक्ति के भविष्य, भाग्य और धन-दौलत से जुड़े कई राज खोलते हैं। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार कलाई पर बनने वाले कुछ खास निशान व्यक्ति के जीवन में राजयोग का संकेत देते हैं। जिनकी कलाई पर ऐसे शुभ निशान होते हैं, उन्हें जीवन में जमीन-जायदाद, अचानक धन लाभ और अपार सफलता मिलती है। आइए जानते हैं मणिबंध पर बनने वाले इन प्रमुख शुभ और अशुभ चिह्नों के बारे में:
मणिबंध पर बनने वाले शुभ चिह्न और उनका प्रभाव
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क्रॉस (×) का निशान: यदि कलाई की पहली रेखा के ठीक मध्य में क्रॉस का चिह्न बना हो, तो ऐसे व्यक्ति का शुरुआती जीवन संघर्षों और कठिनाइयों में बीतता है। हालांकि, 35 वर्ष की आयु के बाद इनकी किस्मत अचानक चमक उठती है और जीवन में अपार सफलता व सुख-समृद्धि प्राप्त होती है।
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यात्रा से धन लाभ का योग: यदि मणिबंध से शुरू होकर कोई रेखा सीधे गुरु (बृहस्पति) पर्वत की ओर जाए और कलाई की पहली रेखा पर क्रॉस या त्रिकोण का निशान हो, तो ऐसे जातक को विदेश या लंबी यात्राओं से भारी धन लाभ होता है।
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त्रिकोण (Triangle) का चिह्न: मणिबंध की पहली रेखा के बीच में त्रिकोण का निशान व्यक्ति के बुढ़ापे में भाग्योदय का सूचक है। यदि त्रिकोण के साथ क्रॉस का निशान भी मौजूद हो, तो जातक को पैतृक संपत्ति या उत्तराधिकार में अचानक बड़ा धन मिलता है।
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तारे (Star) का निशान: पहली रेखा के मध्य में तारे का निशान होना विरासत से अकूत धन-संपत्ति मिलने का संकेत देता है। ऐसे लोगों की आर्थिक स्थिति जीवनभर मजबूत बनी रहती है।
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यव (गेहूं के दाने) का चिह्न: कलाई पर गेहूं के दाने (यव) जैसी आकृति बनना अत्यंत शुभ माना जाता है। यह निशान व्यक्ति को जीवन में निरंतर प्रगति और अपार सफलता दिलाता है।
मणिबंध पर ये निशान माने जाते हैं अशुभ
हस्तरेखा विज्ञान में मणिबंध पर कुछ चिह्नों का होना जीवन में आने वाली रुकावटों को दर्शाता है:
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द्वीप (Island) का निशान: मणिबंध रेखा पर द्वीप जैसी आकृति का होना अशुभ माना गया है। ऐसे जातकों को जीवन में कई बार दुर्घटनाओं या स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ता है।
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रेखाओं का आपस में मिलना: दो मणिबंध रेखाओं का आपस में जुड़ जाना या कट जाना दुर्भाग्यशाली माना जाता है।
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टूटी हुई रेखाएं: यदि मणिबंध रेखाएं स्पष्ट और गहरी होने के बजाय टूटी-फूटी हों, तो व्यक्ति के कार्यों में निरंतर बाधाएं आती रहती हैं। मणिबंध रेखाएं जितनी अधिक स्पष्ट, गहरी और बिना कटी हुई होती हैं, उतना ही शुभ फल मिलता है।








