खेत में नरवाई जलाई तो लगेगा ₹15,000 का जुर्माना; सैटेलाइट से होगी निगरानी, FIR भी दर्ज होगी
कटनी। जिले में फसल अवशेष (नरवाई) जलाने की घटनाओं पर रोक लगाने के लिए प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं। आदेश का उल्लंघन करने पर किसानों पर भारी अर्थदंड लगाया जाएगा, वहीं बिना स्ट्रारीपर या स्ट्रा मैनेजमेंट सिस्टम के कंबाइन हार्वेस्टर चलाने वालों पर भी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
जमीन के हिसाब से तय हुआ अर्थदंड नरवाई जलाने की घटना सामने आने पर किसानों के भूमि क्षेत्र के अनुसार जुर्माना वसूला जाएगा:
2 एकड़ से कम भूमि वाले किसान: ₹2,500 प्रति घटना
2 से 5 एकड़ तक भूमि वाले किसान: ₹5,000 प्रति घटना
5 एकड़ से अधिक भूमि वाले किसान: ₹15,000 प्रति घटना
हार्वेस्टर के साथ स्ट्रारीपर अनिवार्य
फसल कटाई में उपयोग किए जाने वाले प्रत्येक कंबाइन हार्वेस्टर में भूसा बनाने के लिए स्ट्रारीपर अथवा स्ट्रा मैनेजमेंट सिस्टम लगाना अनिवार्य कर दिया गया है। विकासखंड और ग्राम पंचायत स्तर की समितियां इसकी लगातार निगरानी करेंगी।
सैटेलाइट से रखी जाएगी नजर, नोडल अधिकारी तैनात
फसल अवशेष प्रबंधन और जागरूकता के लिए वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारियों को विकासखंड स्तर पर नोडल अधिकारी बनाया गया है। वहीं जिला स्तर पर उप संचालक (कृषि) कटनी को नोडल अधिकारी और सहायक कृषि यंत्री को सहायक नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। कृषि अभियांत्रिकी विभाग सैटेलाइट इमेज के माध्यम से आगजनी की घटनाओं की लोकेशन ट्रैक कर जिला प्रशासन को रिपोर्ट देगा।
एफआईआर और कानूनी कार्रवाई का प्रावधान
जांच टीम (पटवारी, कृषि विस्तार अधिकारी, पंचायत सचिव व कोटवार) की रिपोर्ट पर एसडीएम (SDM) द्वारा जुर्माना लगाया जाएगा। आदेश का उल्लंघन करने पर भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 के तहत एफआईआर (FIR) दर्ज की जा सकेगी और भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 223 के अंतर्गत दंडात्मक कार्रवाई होगी।










