जबलपुर के मझौली में प्रतिमा विसर्जन हादसा: बिजली विभाग का बड़ा एक्शन, सहायक अभियंता निलंबित

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जबलपुर के मझौली में प्रतिमा विसर्जन हादसा: बिजली विभाग का बड़ा एक्शन, सहायक अभियंता निलंबित

जबलपुर: मझौली में प्रतिमा विसर्जन के दौरान हुए दर्दनाक करंट हादसे के बाद बिजली विभाग ने सख्त कार्रवाई की है। हादसे के लिए प्रारंभिक रूप से दोषी मानते हुए सहायक अभियंता (AE) एमपी प्रजापति को तत्काल प्रभाव से निलंबित (Suspend) कर दिया गया है।

इस भीषण हादसे में लोहे का पाइप 11 केवी (KV) हाईटेंशन लाइन के संपर्क में आने से दो युवकों की दर्दनाक मौत हो गई थी, जबकि छह अन्य लोग गंभीर रूप से झुलस गए थे।

हादसे की मुख्य वजह और विभागीय पड़ताल

20 फीट ऊंची प्रतिमा और लोहे का पाइप बने काल: विसर्जन जुलूस के दौरान झांकी की प्रतिमा करीब 20 फीट ऊंची थी। 11 केवी लाइन के नीचे से प्रतिमा निकालने के लिए समिति के लोगों ने खुद ही लोहे के पाइप से बिजली के तारों को ऊपर उठाने का प्रयास किया, जिससे पाइप में तेज करंट फैल गया। बिजली विभाग के अधीक्षण यंत्री (जबलपुर ग्रामीण) खुशियाल शिववंशी के अनुसार, मौके पर लाइन स्टाफ मौजूद था। समिति के लोगों को खुद प्रयास करने के बजाय कर्मचारियों की मदद लेनी चाहिए थी।मामले की निष्पक्ष और विस्तृत जांच सिहोरा के कार्यपालन अभियंता को सौंपी गई है।

जांच के मुख्य बिंदु

विभाग द्वारा शुरू की गई इस जांच में निम्नलिखित पहलुओं की पड़ताल की जाएगी मौके पर मौजूद बिजली कर्मचारियों और अधिकारियों की क्या भूमिका थी?,विसर्जन मार्ग पर बिजली सुरक्षा व्यवस्था के निर्धारित मापदंडों का पालन हुआ या नहीं?,हादसे के समय क्या लाइन बंद (Shutdown) की गई थी या नहीं, और विभागीय स्तर पर किसकी लापरवाही रही?

जांच रिपोर्ट आने के बाद ही अन्य दोषी कर्मचारियों/अधिकारियों पर आगे की विभागीय कार्रवाई तय की जाएगी। जबलपुर के मझौली में प्रतिमा विसर्जन हादसा: बिजली विभाग का बड़ा एक्शन, सहायक अभियंता निलंबित