Latestअंतराष्ट्रीय

Hormuz Crisis: तेल है लेकिन बेच नहीं पा रहा ईरान, अमेरिकी नाकेबंदी से स्टोरेज संकट गहराया

Hormuz Crisis: तेल है लेकिन बेच नहीं पा रहा ईरान, अमेरिकी नाकेबंदी से स्टोरेज संकट गहराया। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने मिडिल ईस्ट में नई तरह का संकट पैदा कर दिया है। एक ओर जहां दुनिया के कई हिस्सों में तेल की कमी और बढ़ती कीमतें चिंता का कारण बनी हुई हैं, वहीं दूसरी ओर ईरान के पास इतना तेल जमा हो गया है कि उसे रखने की जगह कम पड़ रही है।

Strait of Hormuz में अमेरिकी नौसेना की कड़ी नाकेबंदी के चलते ईरान के तेल टैंकरों की आवाजाही लगभग ठप हो गई है। इस स्थिति ने ईरान के सबसे बड़े संसाधन—तेल—को ही उसके लिए संकट बना दिया है।

कड़ी निगरानी, टैंकरों की एंट्री बंद

United States Navy ने होर्मुज स्ट्रेट में सख्त निगरानी तैनात कर रखी है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड के मुताबिक अब तक 34 से ज्यादा जहाजों को रास्ता बदलने के लिए मजबूर किया गया है।

नाकेबंदी को मजबूत करने के लिए USS Abraham Lincoln (CVN-72), USS Gerald R. Ford (CVN-78) और USS George H. W. Bush (CVN-77) जैसे तीन बड़े एयरक्राफ्ट कैरियर तैनात किए गए हैं। इनके साथ 200 से ज्यादा लड़ाकू विमान और हजारों सैनिक मौजूद हैं।

 तेल है, लेकिन निर्यात बंद

ईरान का लगभग 90% तेल Kharg Island के जरिए निर्यात होता है, लेकिन नाकेबंदी के कारण अब जहाज वहां तक पहुंच नहीं पा रहे हैं। नतीजतन निर्यात लगभग ठप हो गया है, जबकि उत्पादन जारी है। इस वजह से तेल तेजी से जमा हो रहा है और स्टोरेज टैंक भरते जा रहे हैं। हालात ऐसे हो गए हैं कि ईरान को पुराने टैंकरों को समुद्र में स्टोरेज के तौर पर इस्तेमाल करना पड़ रहा है, लेकिन यह समाधान भी बहुत सीमित है।

 कुएं बंद करने की नौबत

अगर स्टोरेज पूरी तरह भर गया तो ईरान को अपने तेल कुओं को बंद करना पड़ सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार, एक बार लंबे समय के लिए कुएं बंद होने पर उत्पादन पूरी तरह बहाल नहीं हो पाता, जिससे लाखों बैरल प्रतिदिन की क्षमता का स्थायी नुकसान हो सकता है।

 दुनिया में कमी, ईरान में भरमार

यह स्थिति बेहद विरोधाभासी है—जहां एक तरफ दुनिया के कई देश तेल की कमी और महंगाई से जूझ रहे हैं, वहीं ईरान के पास तेल होने के बावजूद वह उसे बेच नहीं पा रहा।

 ईरान के सामने सीमित विकल्प

ईरान के पास कुछ विकल्प जरूर हैं, जैसे:

  • छुपकर तेल बेचना (शैडो ट्रेड)
  • जहाजों की पहचान बदलकर निर्यात
  • समुद्र में स्टोरेज
  • उत्पादन कम करना

लेकिन अमेरिकी निगरानी के कारण ये विकल्प भी सीमित हो गए हैं।

 क्या है समाधान?

विशेषज्ञों का मानना है कि ईरान के लिए सबसे व्यावहारिक रास्ता कूटनीतिक बातचीत और तनाव कम करना ही है।यह संकट एक नई तरह की “तेल की जंग” को दिखाता है—जहां बम और मिसाइल नहीं, बल्कि सप्लाई और स्टोरेज ही सबसे बड़ा हथियार बन गए हैं। Hormuz Crisis: तेल है लेकिन बेच नहीं पा रहा ईरान, अमेरिकी नाकेबंदी से स्टोरेज संकट गहराया

Back to top button