लंदन में चीनी दूतावास की गुंडागर्दी: UK में प्रतिबंधित ‘स्टन बैटन’ से तिब्बती प्रदर्शनकारियों को डराया; पुलिस ने शुरू की जांच

लंदन में चीनी दूतावास की गुंडागर्दी: UK में प्रतिबंधित 'स्टन बैटन' से तिब्बती प्रदर्शनकारियों को डराया; पुलिस ने शुरू की जांच

लंदन में चीनी दूतावास की गुंडागर्दी: UK में प्रतिबंधित ‘स्टन बैटन’ से तिब्बती प्रदर्शनकारियों को डराया; पुलिस ने शुरू की जांच

लंदन:यूनाइटेड किंगडम (UK) की राजधानी लंदन से एक बेहद गंभीर और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हड़कंप मचाने वाला मामला सामने आया है। लंदन में मौजूद चीनी दूतावास के सुरक्षाकर्मियों पर आरोप लगा है कि उन्होंने शांतिपूर्ण तरीके से कैंडललाइट मार्च निकाल रहे  तिब्बती प्रदर्शनकारियों को डराने-धमकाने के लिए हाई-वोल्टेज ‘स्टन बैटन’ (Stun Baton) का इस्तेमाल किया।

गौरतलब है कि यूनाइटेड किंगडम के सख्त कानून के तहत स्टन बैटन पूरी तरह से प्रतिबंधित (Banned) है। इसके बावजूद चीनी स्टाफ द्वारा इसके इस्तेमाल किए जाने के बाद लंदन की मेट्रोपॉलिटन पुलिस ने मामले की उच्च स्तरीय पड़ताल शुरू कर दी है।

लोबगा रंगजेन को श्रद्धांजलि देने जुटे थे तिब्बती प्रवासी

तिब्बती प्रवासियों के प्रमुख न्यूज पोर्टल Phayul की रिपोर्ट के मुताबिक, यह पूरी वारदात बीते 3 जुलाई की शाम को सेंट्रल लंदन के पोर्टलैंड प्लेस में स्थित चीनी दूतावास के बाहर हुई:

  • आत्मदाह के बाद शोक सभा: तिब्बत की आजादी के लिए लड़ने वाले एक्टिविस्ट लोबगा रंगजेन ने 2 जुलाई को न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र (UN) मुख्यालय के बाहर आत्मदाह कर लिया था।

  • शांतिपूर्ण प्रदर्शन: इसी दुखद घटना के बाद सेंट्रल लंदन में तिब्बती प्रवासी और मानवाधिकार समर्थक लोबगा रंगजेन को श्रद्धांजलि देने और शांतिपूर्ण कैंडललाइट मार्च निकालने के लिए जमा हुए थे।

वीडियो में कैद हुई चीनी सुरक्षाकर्मियों की करतूत

लंदन के प्रमुख एडवोकेसी ग्रुप ‘फ्री तिब्बत’ द्वारा जारी किए गए वीडियो फुटेज ने चीन की इस हरकत को बेनकाब कर दिया है:

  • चिंगारियां छोड़ते दिखे सुरक्षाकर्मी: वीडियो में चीनी दूतावास के सुरक्षाकर्मी हाथों में स्टन बैटन लहराते, उससे बिजली की चिंगारियां छोड़ते और उसे शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों की तरफ तानते हुए साफ नजर आ रहे हैं।

  • भीड़ को डराने की साजिश: प्रदर्शनकारियों और चश्मदीदों का साफ कहना है कि यह चीनी दूतावास द्वारा जानबूझकर भीड़ में खौफ पैदा करने और उन्हें डराने-धमकाने का एक सोचा-समझा प्रयास था।

 ‘देश की सरहदों के बाहर भी दमन चला रहा चीन’

इस घटना के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मानवाधिकार संगठनों ने चीन की विस्तारवादी और दमनकारी नीतियों पर गंभीर सवाल उठाए हैं:

ट्रांसनेशनल रिप्रेशन (Transnational Repression): तिब्बती संगठनों और वैश्विक मानवाधिकार गुटों का कहना है कि यह टकराव इस बात का जीता-जागता सबूत है कि चीन अब अपनी भौगोलिक सीमाओं के बाहर (Foreign Soil) भी जाकर लोगों की आवाज दबाने और उन्हें डराने-धमकाने की नीति पर काम कर रहा है।

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इस गंभीर सुरक्षा उल्लंघन को लेकर ब्रिटिश सांसदों और राजनयिक हलकों में भी नाराजगी देखी जा रही है।

 क्या होता है ‘स्टन बैटन’ (Stun Baton)?

  • बनावट और कार्यप्रणाली: स्टन बैटन आत्मरक्षा या सुरक्षा के लिए इस्तेमाल होने वाला एक डंडे जैसा हथियार होता है। इसके एक सिरे पर मेटल के प्रोब (Probs) लगे होते हैं।

  • कैसे करता है काम: यह हमलावर को कुछ समय के लिए लाचार या बेअसर करने के लिए हाई-वोल्टेज और कम-एम्परेज (High-Voltage, Low-Amperage) का तगड़ा बिजली का झटका (Current) देता है।

  • UK में बैन: हालांकि कई देशों में सुरक्षा एजेंसियां इसका इस्तेमाल करती हैं, लेकिन यूनाइटेड किंगडम (UK) में आम नागरिकों और दूतावासों के लिए इस हथियार को रखना या इस्तेमाल करना कानूनी रूप से पूरी तरह वर्जित है।

— अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा एवं राजनयिक डेस्क, विशेषांक