मध्य प्रदेश के जबलपुर में वृद्धों के हनीट्रैप के आधा दर्जन मामले सामने आए हैं। युवतियां इंटरनेट मीडिया के माध्यम से वृद्धों को अपने जाल में फंसाकर उन्हें ब्लैकमेल कर रही हैं। वृद्ध अकेलापन दूर करने इंटरनेट मीडिया के कई प्लेटफार्म पर सक्रिय रहते हैं और आरोपित युवतियां इन्हें बातों में फंसाकर उनका अश्लील वीडियो बनाने के बाद रुपयों की मांग कर रही हैं। वृद्ध समाज और स्वजन के सामने सम्मान गंवाने के डर से तनाव में हैं। सायबर सेल के पास छह ऐसे ही पीड़ित बुजुर्गों ने शिकायत दर्ज करवाई है।
पुलिस को मिली शिकायतों के मुताबिक आरोपित वाट्सएप और फेसबुक पर ऐसे वृद्धों की तलाश करती हैं और फिर उनके नंबर पर संपर्क करती हैं। युवतियां पहले बातचीत करती हैं और दोस्त बनने के लिए कहती हैं। जैसे ही कोई बुजुर्ग रुचि दिखाता है। युवतियां इनसे वीडियो कॉल और वाट्सएप से बातचीत करने लगती हैं। इसी क्रम में वे उनके परिवार की जानकारी व आर्थिक स्थिति के बारे में भी पता कर लेती हैं। यही नहीं अपने बारे में गलत जानकारी देकर उनसे नजदीकी बढ़ाती हैं। जब बातचीत बढ़ती है तो युवतियां इन पर प्रेम जाल डालती हैं। कई वृद्ध तो झांसे में नहीं आते लेकिन कुछ रंगीन मिजाज लोग फंस भी जाते हैं।
वृद्ध के जाल में फंसते ही युवतियां वीडियो कॉल करके उसमें स्क्रीन रिकार्डर शुरू कर देती हैं। आरोपित बातों-बातों में अपना चेहरा दिखाए बिना नग्न होती हैं और वृद्ध को भी ऐसा ही करने को कहती हैं। ऐसा करते ही उनका यह अश्लील वीडियो शूट कर लिया जाता है। इसके बाद आरोपित अपना चेहरे वाला वीडियो दिखाने का झांसा देते हुए एक लिंक भेजती हैं। इस पर क्लिक करते ही बुजुर्ग व्यक्ति के मोबाइल के सारे नंबर आरोपित के पास पहुंच जाते हैं। इसके बाद ब्लैकमेलिंग शुरू होती है।






















