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सहायता समूह की सखी का हाई वोल्टेज ड्रामा: नौकरी से निकाला तो 8 घंटे तक पेड़ पर चढ़ी रही

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सहायता समूह की सखी का हाई वोल्टेज ड्रामा: नौकरी से निकाला तो 8 घंटे तक पेड़ पर चढ़ी रही

सहायता समूह की सखी का हाई वोल्टेज ड्रामा: नौकरी से निकाला तो 8 घंटे तक पेड़ पर चढ़ी रही, हरदोई जिले के हरपालपुर थाना क्षेत्र के गांव सिरसा की रहने वाली शिवरानी अपने गले में फांसी का फंदा डालकर अलसुबह नीम के पेड़ पर चढ़ गई. उसने अपने ऊपर डीजल डाल लिया. महिला को पेड़ पर चढ़ा देख गांव में हंगामा मच गया. लोगों की भीड़ वहां इकट्ठा हो गई. लोग उसे नीचे उतरने की कहने लगे.

उत्तर प्रदेश के हरदोई में एक महिला ने आठ घंटे तक हाई वोल्टेज ड्रामा किया. महिला गले में फांसी का फंदा और अपने ऊपर डीजल डालकर पेड़ पर चढ़ गई. वह सुसाइड करने की धमकी देने लगी. मौके पर पुलिस, प्रशासन और फायर ब्रिगेड की टीम पहुंच गई. महिला को पेड़ से उतरने को कहा गया. वह मौके पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और स्थानीय विधायक को बुलाने की मांग करने लगी.

सुबह से शाम तक महिला हंगामा करती रही. मौके पर बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ जुट गई. करीब 8 घंटे तक महिला का हंगामा चलता रहा. अधिकारियों ने बामुश्किल महिला को समझाकर नीचे उतारा. महिला स्वयं सहायता समूह में सखी के तौर में काम करती थी. उसका आरोप है कि उसे स्वयं सहायता समूह से निकाल दिया गया. उसने ब्लाक मिशन मैनेजर पर आरोप लगाते हुए उसे हटाने की मांग की.

पेड़ पर चढ़ दी जान देने की धमकी

हरदोई जिले के हरपालपुर थाना क्षेत्र के गांव सिरसा में पेड़ पर चढ़ी शिवरानी अपनी जान देने की धमकी दे रही थी. किसी ने घटना की जानकारी स्थानीय पुलिस को दी. सूचना मिलते ही गांव में नायब तहसीलदार, स्थानीय पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम पहुंच गई. मौके पर मौजूद अधिकारियों ने महिला को समझाकर पेड़ से उतरवाने का प्रयास किया. महिला मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और स्थानीय विधायक को बुलाने की मांग करने लगी. मौके पर मौजूद पुलिस और प्रशासन महिला को पेड़ से उतरवाने के प्रयास में जुटा रहा.

महिला ने बताई वजह

करीब 8 घंटे के बाद महिला को बामुश्किल पेड़ से नीचे उतारा गया. पुलिस ने महिला के पेड़ पर चढ़ने की वजह जानी. महिला शिवरानी ने बताया कि वह गांव में स्वयं सहायता समूह में सखी के रुप में काम करती थी. उसका आरोप है कि ब्लॉक मिशन मैनेजर अंकित के कहने पर उसे सहायता समूह से निकाल दिया. ब्लॉक मिशन मैनेजर की पत्नी स्वयं सहायता समूह की अध्यक्ष है. समूह से निकाले जाने के बाद उसका रोजगार छिन गया. जिससे परेशान होकर उसने ऐसा कदम उठाया. उसने ब्लॉक मिशन मैनेजर के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है.

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