ट्रेनों में सफर के दौरान बढ़ रहीं ‘हेल्थ इमरजेंसी’: रेलवे की 139 हेल्पलाइन पर शिकायतों में 20% का उछाल; पढ़ें डॉक्टरों की जरूरी सलाह। उत्तर और मध्य भारत में गर्मी के तेवर तीखे होने के साथ ही ट्रेनों में सफर करने वाले रेल यात्रियों की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। अब यात्रियों को सिर्फ ट्रेनों की लेटी-लतीफी और भारी भीड़ का ही नहीं, बल्कि गंभीर स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का भी सामना करना पड़ रहा है। रेलवे की 139 हेल्पलाइन पर इन दिनों मेडिकल इमरजेंसी, डिहाइड्रेशन, चक्कर आना और घबराहट जैसी शिकायतें बाढ़ की तरह आ रही हैं। आंकड़ों के मुताबिक, मार्च के मुकाबले अप्रैल महीने में हेल्थ इमरजेंसी से जुड़े मामलों में करीब 20 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
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रेलवे प्रशासन के अनुसार, 139 हेल्पलाइन पर कुल 28 अलग-अलग कैटेगरी में शिकायतें दर्ज की जाती हैं, जिनमें मौजूदा समय में सबसे ज्यादा शिकायतें ‘मेडिकल सहायता’ (Medical Assistance) से जुड़ी आ रही हैं। इसके पीछे अचानक बढ़ा तापमान और भीषण लू (Heatwave) को मुख्य कारण माना जा रहा है।
पिछले दो महीनों के आंकड़े: क्या कहते हैं नंबर?
रेलवे द्वारा जारी किए गए मार्च और अप्रैल के आंकड़े बताते हैं कि चलती ट्रेनों और स्टेशनों पर किस कदर मेडिकल इमरजेंसी के केस बढ़े हैं:
नोट: 139 हेल्पलाइन पर कुल 28 शिकायत कैटेगरी उपलब्ध हैं।
सफर में यात्रियों को हो रहीं ये स्वास्थ्य समस्याएं
भीषण गर्मी और डिब्बों के अंदर उमस के कारण यात्रियों में निम्नलिखित लक्षण तेजी से दिखाई दे रहे हैं:
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मुख्य समस्याएं: अचानक बीपी (ब्लड प्रेशर) लो होना, उल्टी, घबराहट, चक्कर आना, हीट एक्साशन (गर्मी से होने वाली थकावट) और अत्यधिक कमजोरी।
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किन्हें है ज्यादा खतरा?: डॉक्टरों के अनुसार, इस मौसम में लंबे सफर के दौरान बुजुर्ग, छोटे बच्चे, गर्भवती महिलाएं और शुगर या बीपी के मरीज सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं। शरीर में पानी की कमी होने से इनका ब्लड प्रेशर असंतुलित होने का खतरा दोगुना हो जाता है।
सुरक्षित रेल सफर के लिए डॉक्टरों और रेलवे की गाइडलाइंस (Advisory)
यदि आप भी आने वाले दिनों में ट्रेन से सफर करने वाले हैं, तो इन बातों का विशेष ध्यान रखें:
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पानी और ओआरएस (ORS): सफर में पर्याप्त मात्रा में पीने का साफ पानी साथ रखें। पानी में ओआरएस या ग्लूकोज मिलाकर पीते रहें ताकि बॉडी डिहाइड्रेट न हो।
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खान-पान: घर से बना हल्का भोजन ही साथ ले जाएं। सफर के दौरान खाली पेट बिल्कुल न रहें, लेकिन बाहर के भारी या तैलीय खाने से पूरी तरह बचें।
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पहनावा: यात्रा के दौरान सूती (Cotton) और हल्के रंग के ढीले कपड़े पहनें, जिससे शरीर को हवा मिलती रहे।
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धूप से बचाव: ट्रेन आने का इंतजार करते समय या सामान्य तौर पर ज्यादा देर तक धूप में प्लेटफॉर्म पर खड़े न रहें। अपनी जरूरी और नियमित दवाइयां हमेशा हैंडबैग में साथ रखें।
रेलवे की व्यवस्था: शिकायत मिलते ही तुरंत एक्शन “139 हेल्पलाइन पर किसी भी यात्री की ओर से मेडिकल शिकायत मिलते ही रेलवे की टीम तुरंत सक्रिय होती है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए यात्री को अगले ही स्टेशन पर अटेंड किया जाता है, जहाँ ऑन-कॉल डॉक्टरों की टीम, मेडिकल स्टोर और प्राथमिक उपचार की सुविधा चौबीसों घंटे मौजूद रहती है।” — नवल अग्रवाल, पीआरओ (PRO), भोपाल रेल मंडल

