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हरतालिका तीज 2026: जानिए व्रत पारण का शुभ मुहूर्त, सही विधि और जरूरी नियम

हरतालिका तीज 2026: जानिए व्रत पारण का शुभ मुहूर्त, सही विधि और जरूरी नियम
भोपाल/दिल्ली। हिंदू धर्म में हरतालिका तीज व्रत का विशेष धार्मिक महत्व है। भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को रखे जाने वाले इस निर्जला व्रत से महिलाओं को अखंड सौभाग्य और सुखी दांपत्य जीवन का आशीर्वाद मिलता है। इस वर्ष 14 सितंबर को हरतालिका तीज का पावन पर्व मनाया जा रहा है। चूंकि यह व्रत बिना अन्न और जल ग्रहण किए रखा जाता है, इसलिए इसके पारण का विशेष धार्मिक नियम है।
हरतालिका तीज व्रत पारण तिथि एवं शुभ मुहूर्त
| विवरण | तिथि व समय |
| पारण तिथि | 15 सितंबर 2026 (मंगलवार) |
| सूर्योदय का समय | सुबह 05:54 बजे (लगभग) |
| पारण का समय | 15 सितंबर को सूर्योदय के ठीक बाद |
स्टेप-बाय-स्टेप: व्रत पारण की सही विधि
- स्नान व 16 श्रृंगार: पारण के दिन सूर्योदय से पूर्व उठकर स्नान करें और लाल, पीले या हरे रंग के शुभ वस्त्र पहनकर 16 श्रृंगार करें।
- पूजा व आरती: भगवान शिव, माता पार्वती और श्री गणेश की विधिपूर्वक पूजा करें तथा आरती उतारें।
- सिंदूर लगाना: माता पार्वती को अर्पित किए गए सिंदूर को अपनी मांग में लगाएं।
- प्रतिमा विसर्जन: पूजा में रखी सामग्री को स्पर्श कर हिलाएं और मिट्टी या रेत से बनाई गई शिव-पार्वती व गणेश जी की मूर्तियों का विधिवत विसर्जन करें।
- बुजुर्गों का आशीर्वाद: पारण करने से पहले घर के वरिष्ठ जनों के चरण स्पर्श कर उनका आशीर्वाद लें।
- भोग से पारण: पूजा में चढ़ाए गए काले भीगे चने, गुड़, फल या खीरे से व्रत खोलें।
पारण के दौरान इन बातों का रखें खास ध्यान (महत्वपूर्ण नियम)
- नमक का परहेज: हरतालिका तीज व्रत का पारण कभी भी नमक वाली चीजों से नहीं करना चाहिए।
- सादा व हल्का आहार: व्रत खोलने के तुरंत बाद भारी, तीखा या अत्यधिक मसालेदार भोजन करने से बचें।
- जल और फलाहार पहले: सबसे पहले जल, पूजा का प्रसाद और फल ग्रहण करें; उसके बाद ही पूर्ण सात्विक भोजन करें।
- खीरा खाने की परंपरा: कई क्षेत्रों में पूजा में चढ़ाए गए खीरे को खाकर व्रत खोलने की विशेष धार्मिक मान्यता है।








