मध्यप्रदेश

Gwalior Zoo News: ग्वालियर चिड़ियाघर में सफेद बाघिन मीरा के नन्हें शावकों के लिए अभी और इंतजार; उमस और गर्मी बनी बाधा

Gwalior Zoo News: ग्वालियर चिड़ियाघर में सफेद बाघिन मीरा के नन्हें शावकों के लिए अभी और इंतजार; उमस और गर्मी बनी बाधा

Gwalior Zoo News: ग्वालियर चिड़ियाघर में सफेद बाघिन मीरा के नन्हें शावकों के लिए अभी और इंतजार; उमस और गर्मी बनी बाधा

ग्वालियर: ग्वालियर स्थित गांधी प्राणी उद्यान (चिड़ियाघर) में आए पर्यटकों को सफेद बाघिन ‘मीरा’ के तीन नन्हें शावकों का दीदार करने के लिए अभी कुछ और समय इंतजार करना पड़ेगा। लगभग साढ़े तीन महीने के हो चुके ये तीनों शावक पूरी तरह से स्वस्थ हैं, लेकिन बदलते मौसम और स्वास्थ्य चिंताओं के कारण फिलहाल उन्हें पर्यटकों के सामने यानी बाहरी बाड़े (External Enclosure) में लाने का फैसला टाल दिया गया है।

सीडीवी वायरस के खतरे से लेकर उमस तक… इसलिए टला शावकों का दीदार

  • पहले कैनाइन डिस्टेंपर का खतरा: कान्हा टाइगर रिजर्व में कैनाइन डिस्टेंपर वायरस (CDV) के संक्रमण का खतरा सामने आने के बाद चिड़ियाघर प्रबंधन ने एहतियातन तीनों शावकों को आइसोलेशन (सुरक्षित कक्ष) में रखा था।

  • गर्मी और उमस का जोखिम: अब ग्वालियर में लगातार पड़ रही चिपचिपी गर्मी और उमस के कारण शावकों को बाहर लाने में देरी हो रही है।

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  • रोग प्रतिरोधक क्षमता (Immunity): चिड़ियाघर प्रभारी डॉ. उपेंद्र यादव और प्रबंधन के अनुसार, छोटे शावकों में इम्युनिटी पूरी तरह से विकसित नहीं होती। ऐसे मौसम में उन्हें संक्रमण का खतरा हो सकता है, इसलिए मौसम सामान्य होने तक उन्हें निगरानी में सुरक्षित माहौल में ही रखा जाएगा।

 दो पीले और एक सफेद शावक: मौसम ठीक होते ही मिलेंगे सैलानी

सफेद बाघिन मीरा ने 5 अप्रैल को तीन शावकों को जन्म दिया था, जिनमें से दो पीले और एक सफेद शावक हैं।

डॉक्टरों की टीम लगातार उनके स्वास्थ्य की निगरानी कर रही है। प्रबंधन का कहना है कि जैसे ही तापमान सामान्य होगा और उमस कम होगी, शावकों को शुरुआत में सुबह और शाम के समय सीमित अवधि के लिए बाहरी बाड़े में छोड़ा जाएगा। जब वे खुले माहौल में पूरी तरह सहज हो जाएंगे, तब आम पर्यटकों के लिए उनका दीदार शुरू कर दिया जाएगा।

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