Guru Purnima 2019: गुरु पूर्णिमा का पर्व भारत के ज्यादातर जगहों पर बड़े धूम-धाम के साथ मनाया जाता है। पौराणिक समय के गुरु ऋषि व्यास के समान में मनाई जाने वाले इस पर्व को व्यास पूर्णिमा के नाम से भी जाना जाता है। इस दिन शिष्य अपने गुरुओं को गुरूदक्षिणा स्वरू भेट और उपहार देते हैं।
इंसान के जन्म के साथ ही मां के रूप में उसे अपना पहला गुरु मिलता है। जिनका ज्ञान भले-बुरे के साथ उसे अच्छा इंसान बनाने में भी मदद करती है। बढ़ते जीवन के साथ गुरु भी बदलते रहते हैं लेकिन उनका उद्देश्य एक ही होता है। और इसका जितना अनुसरण हम करेंगे, जीवन उतना ही सफल और आनंदमय हो जाएगा।
Guru Purnima 2019 Wishes & Greetings
धरती कहती, अंबर कहते, बस यही तराना
गुरु आप ही वो पावन नूर हैं जिनसे रौशन हुआ जमाना
गुरु पूर्णिमा की शुभकामनाएं!
जिसके प्रति मन में सम्मान होता है
जिसकी डांट में भी एक अद्भुत ज्ञान होता है,
जन्म देता है कई महान शख्सियतों को,
वो गुरु तो सबसे महान होता है।
Happy Guru Purnima
हीरे की तरह तराशा गुरु ने
जीवन को आसान बनाया गुरु ने
अंदर विश्वास जगाकर तुम भी
अपने आप को धनवान करो
गुरु पूर्णिमा की बधाई!
शिल्पी छैनी से करे, सपनों को साकार!
अनगढ़ पत्थर से रचे, मनचाहा आकार!!
माटी रख कर चाक पर, घड़ा घड़े कुम्हार!
श्रेष्ठ गुरु मिल जाय तो, शिष्य पाय संस्कार!!
गुरु पूर्णिमा की शुभकामनाएं!
करता करे न कर सके गुरु करे सो होए,
तीन लोक नो खंड में गुरु से बड़ा ना कोई!
गुरु पूर्णिमा की हार्दिक शुभकामनाएं!
गुरु जी आपकी कृपा से हुआ हमारा उद्धार,
हम बने जो आज है ये है आपका उपकार,
बनाये रखना अपना आशीर्वाद हम पर
बनाये रखना अपना प्यार।
Happy Guru Purnima
हमने जो रंग गुरु भक्ति का लगाया, आप उसे छूटने न देना।
गुरुदेव आपकी याद का दामन, आप कभी छूटने न देना।
हमारी हर सांस में आप और आपका ही नाम रहे।
हमारी प्रीति की यह डोरी,आप कभी टूटने न देना॥
गुरु पूर्णिमा की बधाई!
गुमनामी के अंधेरे में था पहचान बना दिया
दुनिया के गम से मुझे अंजान बना दिया
ऐसी कृपा हुई गुरु ने मुझे अच्छा इन्सान बना दिया!
शुभ गुरु पूर्णिमा
बिन गुरु नहीं होता जीवन साकार,
सर पर होता जब गुरु का हाथ!
तभी बनता जीवन का सही आकर,
गुरु ही सफल जीवन का आधार!!
गुरु पूर्णिमा की हार्दिक शुभकामनाएं!
अक्षर-अक्षर हमें सिखाते शब्द-शब्द का अर्थ बताते,
कभी प्यार से कभी डांट से, जीवन जीना हमें सिखाते।
हैप्पी गुरु पूर्णिमा
गुरु हमारे पथ प्रदर्शक होते हैं जिनकी राह पकड़कर हम जीवन के हर पड़ाव पर पड़ने वाली कठिनाईयों का सामना सूझ-बूझ से कर सकते हैं। तो ये हमारा कर्तव्य है हमेशा गुरुओं का सन्मान करें।
