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9वें राष्ट्रीय पोषण माह का कटनी जिले में शानदार शुभारंभ: “हमारी आंगनवाड़ी हमारी जिम्मेदारी” की थीम पर हुए विविध आयोजन

9वें राष्ट्रीय पोषण माह का कटनी जिले में शानदार शुभारंभ: “हमारी आंगनवाड़ी हमारी जिम्मेदारी” की थीम पर हुए विविध आयोजन

कटनी ):जिलेभर में महिला एवं बाल विकास विभाग (मिशन सक्षम आंगनवाड़ी एवं पोषण 2.0) के तत्वावधान में 9वें राष्ट्रीय पोषण माह का औपचारिक शुभारंभ पूरे उत्साह और गरिमा के साथ किया गया। 9 सितंबर से 8 अक्टूबर 2026 तक चलने वाले इस 30 दिवसीय जन-आंदोलन का मुख्य उद्देश्य पोषण, स्वास्थ्य, देखभाल और प्रारंभिक बाल्यावस्था विकास सेवाओं को सुदृढ़ करते हुए सामुदायिक सहभागिता बढ़ाना है।

​इस वर्ष अभियान की केंद्रीय थीम “हमारी आंगनवाड़ी हमारी जिम्मेदारी” रखी गई है।

सभी 1,713 आंगनवाड़ी केंद्रों पर सीधा प्रसारण

​कलेक्टर श्री आशीष तिवारी के कुशल नेतृत्व में जिले की सभी 1,713 आंगनवाड़ी इकाइयों में विशेष कार्यक्रम आयोजित किए गए। वाराणसी में आयोजित राष्ट्रीय स्तरीय शुभारंभ कार्यक्रम का लाइव टेलीकास्ट जिले के सभी केंद्रों पर दिखाया गया, जिसमें स्थानीय महिलाओं, विभागीय अधिकारियों, पर्यवेक्षकों और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

​जिला कार्यक्रम अधिकारी (महिला एवं बाल विकास) श्री अब्दुल गफ्फार ने बताया कि अभियान के तहत हर दिन के लिए विशेष स्थानीय थीम और गतिविधियां तय की गई हैं, ताकि आमजन की सीधी भागीदारी सुनिश्चित हो सके।

विभिन्न परियोजनाओं में आयोजित प्रमुख कार्यक्रम:

  • बहोरीबंद: कार्यशाला, शपथ और मानव श्रृंखला जनपद पंचायत सभागार बहोरीबंद में आयोजित कार्यशाला में प्रतिभागियों को पोषण माह के उद्देश्यों की जानकारी दी गई। परियोजना अधिकारी श्री सतीश पटेल ने उपस्थित जनों को पोषण के प्रति समर्पित रहने की शपथ दिलाई। इसके पश्चात सेक्टर स्तर पर मानव श्रृंखला बनाकर जागरूकता का संदेश दिया गया।
  • बड़वारा: जागरूकता रैली बड़वारा परियोजना में परियोजना अधिकारी श्री इंद्रकुमार साहू एवं जनपद उपाध्यक्ष श्री रामसेवक दुबे की उपस्थिति में एक विशाल जागरूकता रैली निकाली गई, जिसका उद्देश्य ग्रामीणों को स्वास्थ्य और सही पोषण के प्रति जागरूक करना था।
  • विजयराघवगढ़: पारंपरिक शैली में निमंत्रण विजयराघवगढ़ में परियोजना अधिकारी श्री संतोष अग्रवाल के मार्गदर्शन में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं ने हितग्राहियों के घर-घर जाकर पीले चावल भेंट किए और उन्हें पोषण गतिविधियों में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया। साथ ही गांव-गांव में जन-जागरूकता रैलियां निकाली गईं।

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