MP में होटल-रिसॉर्ट खोलने का सुनहरा मौका: सरकार दे रही 90 साल तक की लीज पर जमीन, ‘लैंड बैंक’ तैयार
MP में होटल-रिसॉर्ट खोलने का सुनहरा मौका: सरकार दे रही 90 साल तक की लीज पर जमीन, 'लैंड बैंक' तैयार
MP में होटल-रिसॉर्ट खोलने का सुनहरा मौका: सरकार दे रही 90 साल तक की लीज पर जमीन, ‘लैंड बैंक’ तैयार
भोपाल। मध्य प्रदेश में औद्योगिक निवेश, पर्यटन विकास और जनकल्याणकारी योजनाओं की रफ्तार बढ़ाने के लिए मोहन यादव सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। प्रदेश में उपयुक्त भूमि की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए ‘लैंड बैंक’ (Land Bank) बनाने का महाअभियान शुरू किया गया है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना की शुरुआत राजधानी भोपाल से की गई है, जहां राजस्व विभाग द्वारा लैंड बैंक तैयार करने का काम अब अपने अंतिम चरण में है।
राजस्व भूमि का होगा संपूर्ण डिजिटल रिकॉर्ड
पारदर्शिता और सुव्यवस्थित व्यवस्था के लिए इस पूरी प्रक्रिया को हाईटेक बनाया जा रहा है:
- राजस्व भूमि का संपूर्ण डिजिटल रिकॉर्ड तैयार किया जा रहा है।
- इस रिकॉर्ड को ऑनलाइन देखा जा सकेगा, जिससे निवेशकों को जमीन तलाशने के लिए दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने होंगे।
- प्रशासनिक स्तर पर इस लैंड बैंक की नियमित निगरानी (Monitoring) भी की जाएगी।
क्यों पड़ी जरूरत? > पिछले वर्ष आयोजित हुए ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (GIS) के बाद राज्य शासन के निर्देश पर राजस्व विभाग ने यह प्रक्रिया शुरू की थी। इसका मुख्य उद्देश्य निवेशकों को बिना किसी कानूनी या प्रशासनिक अड़चन के तुरंत पारदर्शी तरीके से जमीन उपलब्ध कराना है।
भोपाल के 200 KM के दायरे में 250 एकड़ जमीन
जिला प्रशासन, नगरीय प्रशासन और पर्यटन विभाग की संयुक्त तैयारियों के बाद निवेशकों के सामने लगभग 250 एकड़ भूमि वाले लैंड बैंक का खाका पेश किया जाएगा।
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कहां है जमीन: यह जमीन भोपाल से लगभग 200 किलोमीटर के दायरे में स्थित है।
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कितना होगा निवेश: यहां छोटे और मध्यम निवेशकों द्वारा होटल, रिसॉर्ट तथा पर्यटन परियोजनाओं में 60 करोड़ रुपये तक का निवेश किए जाने की संभावना है।
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दीर्घकालीन लीज: मध्य प्रदेश पर्यटन बोर्ड के अनुसार, निवेशकों को यह भूमि 30 से 90 वर्ष तक की दीर्घकालीन लीज पर दी जाएगी।MP में होटल-रिसॉर्ट खोलने का सुनहरा मौका: सरकार दे रही 90 साल तक की लीज पर जमीन, ‘लैंड बैंक’ तैयार
इन प्रमुख जगहों पर चिह्नित की गई जमीन
पर्यटन बोर्ड ने रायसेन, विदिशा, बैतूल, नरसिंहपुर सहित प्रदेश के 25 स्थानों के लिए ओपन टेंडर भी जारी किए हैं। वर्तमान में इन जगहों को आरक्षित किया गया है:
| जिला | स्थान | आरक्षित भूमि / विशेषता |
| रायसेन | मुरलीखेड़ी और ढकना-चपना | क्रमशः 2 हेक्टेयर और 4.65 हेक्टेयर भूमि पर्यटन के लिए आरक्षित |
| विदिशा | कागपुर और नेहरयाई | होटल और रिसॉर्ट विकास के लिए भूमि चिह्नित |
| बैतूल | बोथिया क्षेत्र | होटल और रिसॉर्ट विकास के लिए भूमि चिह्नित |
नोट: इन चिन्हित स्थलों पर न्यूनतम 5 करोड़ रुपये तक के निवेश का प्रावधान रखा गया है।
स्थानीय स्तर पर पैदा होंगे रोजगार के नए अवसर
इस पूरी मुहिम के पीछे सरकार का मकसद न सिर्फ इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करना है, बल्कि स्थानीय युवाओं को काम देना भी है।
कलेक्टर का बयान:
“सरकार का उद्देश्य इस पहल के माध्यम से निवेश को प्रोत्साहित करना और पर्यटन अवसंरचना (Infrastructure) का विस्तार करना है, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर सृजित किए जा सकें। इसी को ध्यान में रखते हुए लैंड बैंक बनाया जा रहा है।
– प्रियंक मिश्रा, कलेक्टर, भोपाल








