हिमाचल में मानसून की खौफनाक दस्तक: पहाड़ी से गिरे पत्थर ने ली महिला की जान; 44 सड़कें बंद, 254 ट्रांसफॉर्मर ठप और 4 दिन का ऑरेंज अलर्ट
शिमला। हिमाचल प्रदेश में मानसून की एंट्री होते ही कुदरत का कहर शुरू हो गया है। लगातार हो रही भारी बारिश और भूस्खलन (Landslide) के चलते जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। मंडी जिले के ओट क्षेत्र में बुधवार सुबह एक बेहद दर्दनाक हादसा हुआ, जहां पहाड़ी से गिरे पत्थर की चपेट में आने से कार सवार एक महिला की मौके पर ही मौत हो गई। मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों के लिए राज्य में ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी करते हुए स्थानीय लोगों और पर्यटकों को बेहद सावधान रहने की चेतावनी दी है।
तबीयत बिगड़ने पर कार से उतरी थी महिला, पहाड़ी से काल बनकर गिरा पत्थर
दिल दहला देने वाला यह हादसा मंडी के ओट क्षेत्र में शनि मंदिर के पास हुआ।
- मृतका नालागढ़ की रहने वाली थी और अपने परिवार के साथ कार में सफर कर रही थी।
- सफर के दौरान अचानक तबीयत बिगड़ने और उल्टी आने की वजह से वह कार रुकवाकर नीचे उतरी थी।
- इसी दौरान अचानक पहाड़ी से एक भारी पत्थर सीधे महिला के ऊपर आ गिरा और मौके पर ही उसकी दर्दनाक मौत हो गई।
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सड़कें बंद, पुल टूटे: मनाली-काजा और मनाली-लेह हाईवे प्रभावित
प्रदेश के कई हिस्सों में मंगलवार शाम से ही मूसलाधार बारिश का दौर जारी है। पिछले 24 घंटों में राज्य की 44 प्रमुख सड़कें बंद हो चुकी हैं, जबकि 254 बिजली ट्रांसफॉर्मर ठप होने से कई इलाके अंधेरे में डूब गए हैं।
- हाईवे हुए ठप: लाहौल-स्पीति में बर्फ पिघलने और तेज बहाव के कारण चिचोंग-खोलकसा के पास सड़क बह गई, जिससे मनाली-काजा राष्ट्रीय राजमार्ग बंद हो गया। वहीं, जिस्पा में भारी मलबा आने से मनाली-लेह और मनाली-जांस्कर मार्ग भी प्रभावित हुए हैं।
- कट गया संपर्क: शिमला जिले के रामपुर (गानवी) में तेज बारिश से एक अस्थायी पुल टूट गया, जिससे तीन पंचायतों का संपर्क पूरी तरह कट गया है।
- कहां हुई सबसे ज्यादा बारिश: कांगड़ा के नगरोटा सूरियां में सबसे अधिक 102.5 मिमी और घमरौर में 95.2 मिमी बारिश दर्ज की गई है।
जंगलों में डंप मलबा बना आफत, कई जगह हादसे टले
बारिश के साथ-साथ मानवीय लापरवाहियों के नतीजे भी सामने आ रहे हैं:
- शिमला में लापरवाही का नतीजा: शिमला के ओल्ड बैरियर के पास जंगलों में अवैध रूप से डंप किया गया कंस्ट्रक्शन (होटल/घर बनाने का) मलबा बहकर मुख्य सड़क पर आ गया, जिससे रास्ता बंद हो गया।
- लैंडस्लाइड की चेतावनी: मेहली-सोगी रोड पर ‘हैप्पी होम’ के पास भूस्खलन हुआ है, जिससे सड़क कभी भी पूरी तरह ब्लॉक हो सकती है।
- सोलन में टला हादसा: सोलन के धोभीघाट रोड पर एक विशाल पेड़ बिजली के खंभे पर गिर गया, जिससे हाई-वोल्टेज तारें सड़क पर आ गईं। गनीमत रही कि कोई इसकी चपेट में नहीं आया।
IMD का अलर्ट: 2 से 4 जुलाई तक ‘ऑरेंज अलर्ट’, भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी
भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, मानसून अब शिमला, मंडी, सिरमौर, कांगड़ा, पूरे किन्नौर और कुल्लू-लाहौल के अधिकांश हिस्सों में सक्रिय हो चुका है। हिमाचल में मानसून की खौफनाक दस्तक: पहाड़ी से गिरे पत्थर ने ली महिला की जान; 44 सड़कें बंद, 254 ट्रांसफॉर्मर ठप और 4 दिन का ऑरेंज अलर्ट
प्रशासन की अपील: मौसम विभाग ने 2 से 4 जुलाई तक भारी से अत्यंत भारी बारिश का ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया है। किन्नौर और लाहौल-स्पीति में 40 से 50 किमी/घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। प्रशासन ने पर्यटकों और स्थानीय लोगों से नदी-नालों के किनारे न जाने, भूस्खलन वाले क्षेत्रों से दूर रहने और खराब मौसम में अनावश्यक यात्रा से बचने की सख्त अपील की है। अगले 3-4 दिनों में तापमान में 5 डिग्री तक की गिरावट आ सकती है।








