महिलाओं के लिए खुशखबरी: इस राज्य में 12 दिन का मासिक धर्म अवकाश देने का प्रस्ताव सरकार ने मंजूर किया

महिलाओं के लिए खुशखबरी: इस राज्य में 12 दिन का मासिक धर्म अवकाश देने का प्रस्ताव सरकार ने मंजूर किया

महिलाओं के लिए खुशखबरी: इस राज्य में 12 दिन का मासिक धर्म अवकाश देने का प्रस्ताव सरकार ने मंजूर किया। कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के नेतृत्व वाली सरकार ने कामकाजी महिलाओं के लिए बड़ा ऐलान किया है। मामले में महिलाओं को मासिक वेतन सहित मासिक धर्म अवकाश देने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है।

महिलाओं के लिए खुशखबरी: इस राज्य में 12 दिन का मासिक धर्म अवकाश देने का प्रस्ताव सरकार ने मंजूर किया

गुरुवार को हुई कैबिनेट की बैठक में यह फैसला लिया गया. मंत्री एचके पाटिल ने इसकी जानकारी देते हुए बताया कि यह अवकाश सरकारी कार्यालयों, बहुराष्ट्रीय कंपनियों (एमएनसी), आईटी, और निजी औद्योगिक क्षेत्रों में लागू होगा

इस पहल के संबंध में राज्य के श्रम मंत्री संतोष लाड ने कहा कि सरकार पिछले एक साल से इस नियम को लागू करने की कोशिश कर रही थी. उन्होंने कहा कि महिलाएं कई तरह के काम करती हैं. घर के काम के साथ-साथ उन्हें बच्चों की देखभाल भी करनी होती है. मासिक धर्म के दौरान उन्हें मानसिक तनाव भी होता है.

इसलिए, मासिक धर्म अवकाश के प्रावधान की समीक्षा के लिए एक समिति बनाई गई थी. इसके संबंध में समिति ने सिफारिश की थी कि 6 दिन का अवकाश दिया जाना चाहिए. हालांकि, सरकार ने सालाना 12 दिन का अवकाश देने का फैसला किया है. श्रम मंत्री ने कहा कि यह योजना सरकारी और निजी दोनों क्षेत्रों में लागू होगी.

1992 में हुई थी शुरूआत

देश में मासिक धर्म अवकाश की शुरुआत सबसे पहले 1992 में बिहार में हुई थी. बिहार देश का पहला राज्य है जिसने मासिक धर्म अवकाश की शुरुआत की. यहां हर महीने दो दिन का मासिक धर्म अवकाश दिया जाता है. इसके अलावा उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र और केरल जैसे राज्य भी कुछ प्रतिबंधों के साथ महिलाओं को मासिक धर्म अवकाश देते करते हैं.

बैठक में मंत्रिमंडल के अन्य फैसले

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