Good News: उत्तर मध्य रेलवे का बड़ा फैसला-प्रयागराज मंडल के 29 स्टेशनों पर अब प्राइवेट हाथों में होगी टिकट बुकिंग; युवाओं को मिलेगा रोजगार का मौका
Good News: उत्तर मध्य रेलवे का बड़ा फैसला-प्रयागराज मंडल के 29 स्टेशनों पर अब प्राइवेट हाथों में होगी टिकट बुकिंग; युवाओं को मिलेगा रोजगार का मौका

Good News: उत्तर मध्य रेलवे का बड़ा फैसला-प्रयागराज मंडल के 29 स्टेशनों पर अब प्राइवेट हाथों में होगी टिकट बुकिंग; युवाओं को मिलेगा रोजगार का मौका
प्रयागराज: उत्तर मध्य रेलवे (NCR) ने अपने यात्रियों की सुविधा और व्यवस्था में सुधार के लिए एक बड़ा और दूरगामी फैसला लिया है। रेलवे प्रशासन ने प्रयागराज मंडल के अंतर्गत आने वाले 29 प्रमुख रेलवे स्टेशनों पर टिकट वितरण की पूरी व्यवस्था को निजी हाथों (कॉन्ट्रैक्ट) में सौंपने की तैयारी पूरी कर ली है।
नए नियमों के मुताबिक, अब इन चिन्हित स्टेशनों के जनरल काउंटरों पर रेलवे के परमानेंट कर्मचारी नजर नहीं आएंगे, बल्कि संविदा (Contract) पर नियुक्त किए जाने वाले ‘स्टेशन टिकट बुकिंग एजेंट’ (STBA) कंप्यूटर के जरिए यात्रियों को अनारक्षित (जनरल) टिकट बांटेंगे। रेलवे के इस कदम से जहां एक तरफ स्थानीय स्तर पर बेरोजगार युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर खुलेंगे, वहीं टिकट काउंटरों पर लगने वाली लंबी कतारों से यात्रियों को भी बड़ी राहत मिलेगी और उनका समय बचेगा।
3 साल का होगा कॉन्ट्रैक्ट, फिक्स सैलरी नहीं बल्कि मिलेगा कमीशन
रेलवे से प्राप्त जानकारी के अनुसार, इस नई व्यवस्था और नियुक्तियों को लेकर नियम और शर्तें तय कर दी गई हैं:Good News: उत्तर मध्य रेलवे का बड़ा फैसला-प्रयागराज मंडल के 29 स्टेशनों पर अब प्राइवेट हाथों में होगी टिकट बुकिंग; युवाओं को मिलेगा रोजगार का मौका
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अनुबंध की अवधि: यह नियुक्तियां पूरी तरह से कॉन्ट्रैक्ट के आधार पर 3 सालों के लिए की जा रही हैं।
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पायलट प्रोजेक्ट: हालांकि, NSG-4 कैटेगरी में आने वाले कुछ विशेष स्टेशनों पर इसे एक पायलट प्रोजेक्ट (प्रयोग) के तौर पर 20 मई 2027 तक के लिए ही लागू किया जाएगा। इसके सफल परिणाम आने पर इसे आगे बढ़ाया जा सकता है।
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कमीशन आधारित कमाई: चयनित होने वाले ‘स्टेशन टिकट बुकिंग एजेंटों’ को रेलवे की तरफ से कोई फिक्स मंथली सैलरी नहीं दी जाएगी। इसके बजाय, उनके काउंटर से रोजाना होने वाली टिकटों की कुल बिक्री पर मिलने वाले कमिशन (Commission) के आधार पर ही उनका भुगतान तय होगा।
विशेष नोट: चूंकि यह पूरी प्रक्रिया संविदा आधारित है, इसलिए इन पदों पर काम करने वाले एजेंटों को भविष्य में स्थायीकरण (पक्का होने) या किसी भी प्रकार के सरकारी भत्तों और सुविधाओं का लाभ नहीं मिलेगा।








