बहराइच के कतर्नियाघाट में दिखी विशालकाय मॉनिटर लिजर्ड: मानसून के कारण बिलों से बाहर निकल रहे दुर्लभ जीव
यश भारत, बहराइच। उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले में स्थित कतर्नियाघाट वन्यजीव प्रभाग में मानसून की भारी बारिश के बाद वन्यजीवों की चहलकदमी बढ़ गई है। इसी दौरान कतर्नियाघाट वन रेंज स्थित एक बंधे के पास एक विशालकाय मॉनिटर लिजर्ड (बड़ी छिपकली) घूमती हुई दिखाई दी।
इस विशाल जीव को देखने के लिए आसपास के लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी और लोग इसकी तस्वीरें खींचते नजर आए।
शिकार की तलाश में बंधे पर पहुंची लिजर्ड
वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, जंगल में जारी तेज बारिश के कारण मॉनिटर लिजर्ड अपने बिल से बाहर निकलकर शिकार की तलाश में बंधे के किनारे आ पहुंची थी।
कतर्नियाघाट के रेंजर आशीष गौड़ ने इस दुर्लभ और अनोखे दृश्य को अपने कैमरे में कैद किया। वन अधिकारियों ने बताया कि इस तरह के जीवों का दिखना कतर्नियाघाट के स्वस्थ इकोसिस्टम (पारिस्थितिकी तंत्र) का बड़ा संकेत है।
जानिए कितना खतरनाक और उपयोगी है यह जीव
-
आकार और बनावट: यह छिपकली प्रजाति का ही जीव है, लेकिन आकार में सामान्य छिपकली से कई गुना बड़ा (3 मीटर तक लंबा) होता है। इनकी त्वचा काफी मजबूत और मोटी होती है।
-
खान-पान: यह मुख्य रूप से कीड़े-मकोड़े, चूहे, मेंढक, मछली, अंडे और कभी-कभी सड़ा हुआ मांस खाती है।
-
विशेषता: यह जमीन में बिल खोदने, पेड़ों पर चढ़ने और पानी में तैरने में माहिर होती है। खतरा महसूस होने पर यह अपनी मजबूत पूंछ से हमला करती है।
-
पर्यावरण के लिए वरदान: मॉनिटर लिजर्ड चूहों और कीड़ों की आबादी को नियंत्रित रखती है, जिससे यह पर्यावरण और फसलों के लिए बेहद उपयोगी मानी जाती है।
कानूनी चेतावनी: भारत में मॉनिटर लिजर्ड को पकड़ना या मारना पूरी तरह से गैरकानूनी है और ऐसा करने पर कड़ी सजा का प्रावधान है








