Latest

पूर्व सपा नेता नवाब सिंह यादव को 8 साल की सख्त सजा, भाई नीलू को भी जेल; नाबालिग से रेप मामले में गैंगस्टर कोर्ट का बड़ा फैसला

कन्नौज/लखनऊ: उत्तर प्रदेश के कन्नौज जिले के बेहद चर्चित और राजनीतिक गलियारों में हलचल मचाने वाले पूर्व समाजवादी पार्टी (सपा) नेता नवाब सिंह यादव मामले में गैंगस्टर कोर्ट ने शुक्रवार को एक ऐतिहासिक और बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने लंबी सुनवाई और पुख्ता सबूतों के आधार पर नवाब सिंह यादव और उनके भाई नीलू यादव को गैंगस्टर एक्ट के तहत दोषी करार देते हुए 8-8 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है।

इसके साथ ही कानून का कड़ा संदेश देते हुए कोर्ट ने दोनों भाइयों पर 10-10 लाख रुपये का भारी-भरकम जुर्माना भी लगाया है। वहीं, इस पूरे घटनाक्रम में शामिल महिला आरोपी पूजा तोमर को 6 वर्ष की जेल और 5 लाख रुपये के जुर्माने की सजा दी गई है।

आधी रात को कॉलेज से हुई थी गिरफ्तारी; क्या था पूरा मामला?

यह शर्मनाक और दिल दहला देने वाला मामला पिछले साल 11 और 12 अगस्त 2025 की मध्य रात्रि का है:

  • कॉलेज में घिनौनी करतूत: पूर्व सपा नेता नवाब सिंह यादव को पुलिस ने उनके ही मालिकाना हक वाले विद्यालय (कॉलेज) से एक नाबालिग लड़की के साथ दुष्कर्म (रेप) के गंभीर आरोप में रंगे हाथों गिरफ्तार किया था।

  • पीड़िता की सूझबूझ: पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, पीड़िता ने अपनी बुआ के मोबाइल फोन से चुपके से डायल 112 (पुलिस) को कॉल करके अपनी जान बचाने की गुहार लगाई थी। पुलिस ने बिना वक्त गंवाए मौके पर छापेमारी की और नवाब सिंह को हिरासत में ले लिया।

  • बुआ की साजिश: पुलिस जांच में एक बेहद चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि पीड़िता की सगी बुआ ही उसे बहला-फुसलाकर उस रात नवाब सिंह के पास विद्यालय लेकर पहुंची थी। इसके बाद पुलिस ने रेप, पॉक्सो (POCSO Act) और गैंगस्टर जैसी संगीन धाराओं में केस दर्ज किया था।

भाई नीलू यादव और मददगार पूजा तोमर की क्या थी भूमिका?

इस संगठित अपराध और मामले को रफा-दफा करने की साजिश में दो और किरदारों के नाम सामने आए थे, जिन पर कोर्ट ने शिकंजा कसा है:

  1. नीलू यादव (नवाब सिंह का भाई): पुलिस तफ्तीश में सामने आया कि नीलू यादव ने नवाब सिंह की आपराधिक गतिविधियों में न सिर्फ सहयोग किया, बल्कि अपने राजनीतिक रसूख का इस्तेमाल करके गवाहों को डराने और मामले से जुड़े तथ्यों व सबूतों को पूरी तरह प्रभावित करने (Tampering of Evidence) का प्रयास किया था। कोर्ट ने इसे गंभीर मानते हुए उसे भी 8 साल की कठोर जेल की सजा सुनाई।

  2. पूजा तोमर (सह-आरोपी महिला): जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि पूजा तोमर ने पुलिस को गुमराह करने और मुख्य आरोपी नवाब सिंह को बचाने के लिए साक्ष्यों को छिपाने में बड़ी भूमिका निभाई थी। अदालत ने उसे 6 साल के कारावास की सजा दी है।

कोर्ट परिसर में छावनी जैसी सुरक्षा; पुलिस ने बताया बड़ी जीत

गैंगस्टर कोर्ट का फैसला आने के बाद कन्नौज और आसपास के इलाकों में राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। किसी भी अप्रिय घटना या बवाल की आशंका को देखते हुए कन्नौज कोर्ट परिसर और संवेदनशील इलाकों में भारी पुलिस बल (अतिरिक्त सुरक्षा) तैनात कर दिया गया था।

यूपी पुलिस और स्थानीय प्रशासन ने अदालत के इस फैसले को न्याय प्रक्रिया और सूबे की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति की एक बहुत बड़ी सफलता बताया है। अधिकारियों का कहना है कि यह फैसला उन रसूखदार अपराधियों के लिए एक कड़ा सबक है जो कानून को अपनी जेब में समझते हैं।

Back to top button