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पहले छात्र 25 दिन भूखे रहें, लाठी खाएं… तब इस्तीफे की बात होगी”: भर्ती धांधली पर प्रियंक खरगे का अजीबोगरीब बयान

कर्नाटक में वेटनरी ऑफिसर भर्ती में बड़ा घोटाला: 1-1 करोड़ में सीट बेचने का आरोप, हाई कोर्ट ने कहा- 'दिनदहाड़े धोखाधड़ी'

पहले छात्र 25 दिन भूखे रहें, लाठी खाएं… तब इस्तीफे की बात होगी”: भर्ती धांधली पर प्रियंक खरगे का अजीबोगरीब बयान

बेंगलुरु: कर्नाटक लोक सेवा आयोग (KPSC) द्वारा आयोजित वेटनरी ऑफिसर (पशु चिकित्सा अधिकारी) भर्ती परीक्षा में भ्रष्टाचार और धांधली के बेहद गंभीर आरोप सामने आए हैं। आयोग द्वारा 400 सफल उम्मीदवारों की चयन सूची जारी करने के बाद अभ्यर्थियों ने सबूत पेश करते हुए दावा किया है कि ओएमआर (OMR) शीट बदलकर और भारी पैसे लेकर नौकरियां बांटी गई हैं। मामले में कर्नाटक उच्च न्यायालय की कड़ी टिप्पणी के बाद राज्य सरकार ने भर्ती पर रोक लगा दी है और मामले की जांच सीआईडी (CID) तथा एसआईटी (SIT) को सौंप दी है।

मामले के मुख्य बिंदु:

  • 1-1 करोड़ में बेची गईं सीटें: अभ्यर्थियों का आरोप है कि वेटनरी अफसर के पदों के लिए 80 लाख से 1 करोड़ रुपये तक की मांग की गई। छात्रों ने स्टिंग ऑपरेशन कर ऑडियो-वीडियो रिकॉर्डिंग भी उजागर की है।

  • हाई कोर्ट सख्त, SIT को जांच: हाई कोर्ट ने उपलब्ध सबूतों को देखते हुए इसे “दिनदहाड़े धोखाधड़ी” का मामला करार दिया और SIT को 6 अगस्त तक रिपोर्ट दाखिल करने के निर्देश दिए हैं।

  • दो बिचौलिए गिरफ्तार: मामले की जांच में तेजी लाते हुए पुलिस ने दो आरोपियों (सिकंदर चौधरी और आरिफ मोहम्मद मुल्ला) को गिरफ्तार कर लिया है।

OMR शीट और प्रश्नपत्र का विवाद

1453 पदों पर हो रही प्रक्रिया के दौरान कई परीक्षार्थियों ने पाया कि उनके प्रश्नपत्र (Question Paper) का नंबर OMR शीट के नंबर से मेल नहीं खा रहा था। छात्रों का आरोप है कि धांधली छुपाने के लिए OMR शीट बदली गई हैं। वहीं दूसरी ओर कर्नाटक एग्जामिनेशन अथॉरिटी (KEA) ने पेपर लीक से इनकार करते हुए सफाई दी कि OMR और क्वेश्चन पेपर का नंबर मैच होना तकनीकी रूप से अनिवार्य नहीं होता, जो कि छात्रों का महज भ्रम था।

मामले पर गरमाई राजनीति

  • बीजेपी का आरोप व सीबीआइ जांच की मांग: केंद्रीय मंत्री शोभा करंदलाजे और बीजेपी नेताओं ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार घोटाले को दबाने की कोशिश कर रही है। बीजेपी ने पूरे मामले की सीबीआई (CBI) जांच कराने और गृह मंत्री के इस्तीफे की मांग की है।

  • प्रियंक खरगे का पलटवार: बीजेपी के इस्तीफे की मांग पर प्रतिक्रिया देते हुए कर्नाटक के गृह मंत्री प्रियंक खरगे ने कटाक्ष किया— “पहले छात्र धरने पर बैठें, 25 दिन तक भूखे रहें, फिर लाठीचार्ज होगा, तब इस्तीफे का नंबर आएगा।” उन्होंने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि अपनी सरकार के समय केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और राज्य के मंत्रियों ने पेपर लीक पर इस्तीफे क्यों नहीं दिए थे।

पहले छात्र 25 दिन भूखे रहें, लाठी खाएं… तब इस्तीफे की बात होगी”: भर्ती धांधली पर प्रियंक खरगे का अजीबोगरीब बयान

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