कन्या महाविद्यालय में निबंध प्रतियोगिता का आयोजनकिया गय
कटनी शासकीय कन्या महाविद्यालय, में निबंध प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम महाविद्यालय के भारतीय ज्ञान परंपरा प्रकोष्ठ के तत्वाधान में आयोजित किया गया, जो फरवरी माह में होने वाले कार्यक्रमों की श्रृंखला का हिस्सा था। इस प्रतियोगिता का मुख्य विषय “तकनीकी युग में मातृभाषा का अस्तित्व एवं चुनौतियाँ” रखा गया था।
इस प्रतियोगिता में महाविद्यालय की छात्राओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और तकनीकी युग में मातृभाषा के महत्व तथा उससे जुड़ी चुनौतियों पर अपने विचार प्रस्तुत किए। छात्राओं ने अपने निबंधों के माध्यम से यह दर्शाया कि तकनीकी प्रगति के इस दौर में मातृभाषा का संरक्षण और प्रचार-प्रसार कितना आवश्यक है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि मातृभाषा न केवल हमारी सांस्कृतिक पहचान है, बल्कि यह हमारे विचारों और भावनाओं को अभिव्यक्त करने का सबसे सशक्त माध्यम भी है।कार्यक्रम का संयोजक डॉ. साधना जैन (भारतीय ज्ञान परंपरा प्रकोष्ठ प्रभारी) और सदस्य प्रेमलाल कॉवरे तथा प्रियंका सोनी द्वारा किया गया। महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. चित्रा प्रभात ने इस कार्यक्रम में विशेष रूप से उपस्थित होकर कार्यक्रम की गरिमा को बढ़ाया। उन्होंने छात्राओं के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि मातृभाषा हमारी संस्कृति और परंपरा की धरोहर है, और इसे संजोए रखना हम सभी का कर्तव्य है। इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राध्यापकगण डॉ. विमला मिंज, डॉ. रश्मि चतुर्वेदी, डॉ. आर.के. गुप्ता, के.जे. सिन्हा, अमिताभ पांडेय, डॉ. अशोक शर्मा, डॉ. के.जी. सिंह, भीम बर्मन, डॉ. फूलचंद कोरी, नम्रता निगम, आरती वर्मा, डॉ. अपर्णा मिश्रा, श्रद्धा वर्मा, पूजा राजपूत और सुषमा वर्मा भी उपस्थित रहे। उनकी उपस्थिति ने कार्यक्रम को और भी प्रभावशाली बना दिया।
इस प्रतियोगिता के माध्यम से छात्राओं ने न केवल अपने लेखन कौशल का प्रदर्शन किया, बल्कि मातृभाषा के प्रति अपने प्रेम और सम्मान को भी व्यक्त किया। इस आयोजन ने छात्राओं को मातृभाषा के महत्व को समझने और उसे संरक्षित करने के लिए प्रेरित किया।

