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गर्ल्स कॉलेज में हुआ पर्यावरण शिक्षण कार्यक्रम छात्राओं ने बनाई,बांस से बनायी घरेलु उपयोगी वस्तुए

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गर्ल्स कॉलेज में हुआ पर्यावरण शिक्षण कार्यक्रम छात्राओं ने बनाई,बांस से बनायी घरेलु उपयोगी वस्तु

कटनी-शासकीय कन्या महाविद्यालय, कटनी में एक पर्यावरण शिक्षण कार्यक्रम के अंतर्गत छात्राओं द्वारा बाँस संबंधी उत्पादों की प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम प्राचार्य डॉ. चित्रा प्रभात के मार्गदर्शन, वरिष्ठ प्राध्यापक डॉ. साधना जैन के निर्देशन और इको क्लब प्रभारी डॉ. रीना मिश्रा के नेतृत्व में संपन्न हुआ। प्रदर्शनी का उद्घाटन प्राचार्य डॉ. चित्रा प्रभात ने रिबन काटकर किया। इस प्रदर्शनी का मुख्य उद्देश्य पर्यावरण को प्लास्टिक मुक्त बनाने के प्रति जागरूकता फैलाना था।

छात्राओं ने इस अवसर पर बाँस से वॉल हैंगिंग, फ्लावर पॉट, कप, बांसुरी, सीढ़ी, घर, गमले, झूला, तीर-कमान, डलिया, टेबल और चेयर जैसी उपयोगी और रचनात्मक वस्तुओं का निर्माण किया। इन वस्तुओं के माध्यम से उन्होंने पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। प्राचार्य डॉ. चित्रा प्रभात ने छात्राओं के प्रयासों की सराहना की और उन्हें इस कार्य को व्यवसाय के रूप में अपनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने सुझाव दिया कि छात्राएं इन उत्पादों की प्रदर्शनी सार्वजनिक स्थलों पर लगाएं, शिल्पकारों और कारीगरों से सहयोग लें, सामग्री को बेचकर आर्थिक लाभ कमाएं और अपने कौशल को निखारें। उन्होंने छात्राओं के उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएं भी दीं।

वरिष्ठ प्राध्यापक डॉ. साधना जैन ने भी छात्राओं की रचनात्मकता की प्रशंसा की और उन्हें इस क्षेत्र में करियर बनाने के लिए प्रोत्साहित किया। कार्यक्रम में डॉ. विमला मिंज, डॉ. रश्मि चतुर्वेदी, डॉ. किरण खरादी, सुनीता श्रीवास्तव, डॉ. अमिताभ पांडेय, विनेश कुमार यादव, नागेंद्र यादव, डॉ. कृष्ण गोपाल सिंह, डॉ. अपर्णा मिश्रा, डॉ. स्मिता, डॉ. सपना झरिया, संजय कांत भारद्वाज, डॉ. प्रतिमा सिंह, श्रीमती देववती चक्रवर्ती, प्रियंका सोनी, डॉ. मैत्री शुक्ला, नम्रता निगम और अशोक शर्मा उपस्थित रहे।

कार्यक्रम को सफल बनाने में रामेश्वर सिंह, आरती वर्मा, सुश्री सुषमा वर्मा, मीनाक्षी वर्मा, भीम बर्मन और संध्या सिंह का विशेष योगदान रहा। यह आयोजन न केवल पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने में सफल रहा, बल्कि छात्राओं के कौशल और आत्मविश्वास को भी प्रोत्साहित करने वाला सिद्ध हुआ।

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