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महाकुंभ की ग्राउंड रिपोर्ट:पीड़ा व परेशानी पर भारी पड़ रही आस्था, महाकुंभ यात्रा के दौरान जाम में फंसे श्रृद्धालुओं में दिखा गजब का उत्साह, गंगा में डुबकी लगाते ही शरीर में हो रहा अजीब सी ऊर्जा का संचार

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महाकुंभ की ग्राउंड रिपोर्ट:पीड़ा व परेशानी पर भारी पड़ रही आस्था, महाकुंभ यात्रा के दौरान जाम में फंसे श्रृद्धालुओं में दिखा गजब का उत्साह, गंगा में डुबकी लगाते ही शरीर में हो रहा अजीब सी ऊर्जा का संचा

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कटनी(विवेक शुक्ला/रोहित सेन)। 144 साल बाद प्रयागराज महाकुंभ सचमुच अदभुत व अलौकिक है और मां गंगा का जल 144 साल बाद सचमुच अमृत बन गया है। रास्ते की सारी परेशानी व पीड़ा मां गंगा की गोद में बैठते ही दूर हो जाती है। देश की नंबर वन न्यूज वेबसाइट यशभारत डाट काम के सब एडिटर विवेक शुक्ला व पत्रकार रोहित सेन महाकुंभ की इसी दिव्यता और भव्यता को समझने शनिवार की रात 9 बजे उस समय प्रयागराज के लिए उस समय सड़क मार्ग से रवाना हुए। जब हाइवे पर जगह-जगह जाम की खबरे आने लगी। इन खबरों की परवाह किए बिना यशभारत डाट काम की टीम प्रयागराज के लिए रवाना हुई। मैहर में जाम की खबर लगी तो हम लोग कटनी से कैमोर-भटूरा के रास्ते मैहर पहुंचे और फिर रीवा से बैंकुठपुर-लालगांव होते हुए चाकघाट पहुंचे। उस समय सुबह के 5 बज रहे थे। यहां हम लोग 50 किलोमीटर लंबे जाम में फंस गए मतलग चाकघाट से प्रयागराज तक पूरी सड़क वाहनों से भरी हुई थी। जाम में फंसे होने के बावजूद श्रृद्धालुओं के उत्साह में कोई कमी नहीं दिख रही थी। पुलिस व प्रशासन के लोग वापस जाने की अपील भी कर रहे थे लेकिन श्रृद्धालुओं का कहना था कि चाहे कितनी परेशानी व पीड़ा क्यों न हो लेकिन वो बिना महाकुंभ में स्नान किए वापस नहीं लौटेंगें। इस तरह रास्ते भर जाम में फंसे देश के कोने-कोने के श्रृद्धालुओं से बात करते हुए हम शाम 7 बजे के लगभग प्रयागराज की हाईटेक सिटी और फिर वहां से लगभग 12 किलोमीटर पैदल चल मां गंगा के अरैलघाट पहुंचे। जहां मां गंगा में हमने जैसे ही डुबकी लगाई वैसे ही पूरे शरीर में अलग ही उर्जा का संचार हुआ और सारी पीड़ा व परेशानी पलभर में गायब हो गई। ऐसा लगा जैसे सचमुच मां गंगा का जल 144 साल बाद महाकुंभ में अमृत हो गया है और यह अनूभूति सिर्फ हमे बस नहीं हो रही थी बल्कि वहां मौजूद हर एक श्रृद्धालु यही कह रहा था कि गंगा में डुबकी लगाने के बाद हमारी रास्ते की पीड़ा व परेशानी गायब हो गई है। गंगा में डुबकी लगाने के बाद श्रृद्धालुओं ने जो महाकुंभ के दौरान प्रयागराज नहीं गए हैं उन लोगों से भी अपील कि की रास्ते की पीड़ा व परेशानी को न देखे और मां गंगा के अमृत जल में डुबकी लगाकर पुण्य लाभ प्राप्त करें। कुल मिलाकर पूरी यात्रा के दौरान यह समझ में आया पीड़ा व परेशानी पर लोगों की आस्था भारी पड़ रही है और सभी इस अलौकिक, दिव्य व भव्य महाकुंभ में आस्था की डूबकी लगाना चाहते हैं।

 

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सहयोग की बजाय कई श्रृद्धालु मचा रहे उत्पात
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी व उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की देखरेख में महाकुंभ में श्रृद्धालुओं को परेशानी से बचाने हरसंभव उपाय किए गए हैं लेकिन कई श्रृद्धालु मेला क्षेत्र की व्यवस्थाओं में उत्पात मचा रहे हैं। जैसे शौचालय का उपयोग करने के बाद उन्हे साफ न रखना, शौचालय में तोडफ़ोड़ करना, कमोड में पानी की बाटल, पन्नी फेंक देना। नल की टोटी तोड़ देना, कचरे के डिब्बे जगह-जगह रखे होने के बावजूद कचरा मेला परिसर में कहीं भी फेंक देना। इस तरह कई ऐसे द्रश्य नजर आए। जिसे देख कर यह लगा कि कई श्रृद्धालु मेला की व्यवस्थाओं में उत्तर प्रदेश सरकार का सहयोग करने की बजाय मौजूद व्यवस्थाओं को ही नुकसान पहुंचा रहे हैं जबकि ऐसे लोग अपने घर पर ऐसा नहीं करते।

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