देश के बंदरगाहों पर ड्रग तस्करी का भंडाफोड़: लोकसभा में रखी गई 5 साल की सबसे बड़ी बरामदगियों की लिस्ट

देश के बंदरगाहों पर ड्रग तस्करी का भंडाफोड़: लोकसभा में रखी गई 5 साल की सबसे बड़ी बरामदगियों की लिस्ट। देश के अलग-अलग बंदरगाहों पर पिछले 5 साल में पकड़े गए नशीले पदार्थों का विस्तृत ब्यौरा सरकार ने लोकसभा में पेश किया है. लोकसभा सांसद माला राय द्वारा पूछे गए सवाल के जवाब में पोत, पत्तन और जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने बताया कि 2020 से 2025 के बीच डीआरआई, सीमा शुल्क, पुलिस और राज्य एटीएस जैसी एजेंसियों ने कई बड़ी कार्रवाई करते हुए भारी मात्रा में हेरोइन, कोकीन, मेथएम्फेटामाइन और ट्रामाडोल जैसी मादक दवाओं को जब्त किया है।

देश के बंदरगाहों पर ड्रग तस्करी का भंडाफोड़: लोकसभा में रखी गई 5 साल की सबसे बड़ी बरामदगियों की लिस्ट

 

सरकार द्वारा सदन के पटल पर रखे गए आंकड़ों के अनुसार, साल 2020 में मुंबई के जेएनपीटी पर 191 किलो हेरोइन पकड़ी गई थी. जबकि 2021 में तमिलनाडु के तूतीकोरिन बंदरगाह पर 303 किलो कोकीन और गुजरात के मुंद्रा पोर्ट पर एक ही कार्रवाई में 2,988 किलो हेरोइन जब्त की गई, जो उस वर्ष की सबसे बड़ी खेप थी. मुंबई, गांधीधाम, पिपावाव, रायगढ़ और कोलकाता जैसे बंदरगाहों पर भी लगातार ऐसे अभियान चले हैं1

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2022 में भी कई बड़ी बरामदगियां की गईं. इसमें गुजरात, महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल के बंदरगाहों पर हेरोइन और कोकीन की कई खेप पकड़ी गईं. डीआरआई और राज्य एटीएस की संयुक्त कार्रवाई में गांधीधाम से 201 किलो हेरोइन बरामद की गई. सितंबर 2022 में दिल्ली पुलिस ने मुंबई के जेएनपीटी पर की गई कार्रवाई में 345 किलो हेरोइन कब्जे में ली।

ट्रामाडोल टैबलेट्स और इंजेक्शन जब्त

2023 में गुजरात के गांधीधाम में कोकीन की बरामदगी दर्ज हुई. जबकि 2024 में मुंद्रा और कोलकाता में सीमा शुल्क विभाग ने भारी मात्रा में ट्रामाडोल टैबलेट्स और इंजेक्शन जब्त किए. सरकार के अनुसार, 2025 के लिए अभी तक एनसीबी और अन्य एजेंसियों द्वारा कोई उल्लेखनीय बरामदगी दर्ज नहीं की गई है।

 

लगातार कार्रवाई कर रही हैं एजेंसियां

सरकार ने स्पष्ट किया कि बंदरगाहों पर मादक पदार्थों की रोकथाम के लिए लगातार सतर्कता बढ़ाई जा रही है. प्रवर्तन एजेंसियां समन्वय के साथ काम कर रही हैं. पेश किए गए आंकड़े बताते हैं कि तस्करी के नेटवर्क बड़े और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सक्रिय हैं. मगर भारत की एजेंसियां इन पर लगातार प्रभावी कार्रवाई कर रही हैं।

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