तिलक महाविद्यालय में महात्मा गांधी जी की 156वीं जयंती के अवसर पर नशा मुक्ति शपथ एवं संगोष्ठी का आयोजन

तिलक महाविद्यालय में महात्मा गांधी जी की 156वीं जयंती के अवसर पर नशा मुक्ति शपथ एवं संगोष्ठी का आयोज

कटनी -मद्य निषेध सप्ताह एवं महात्मा गांधी जी की 156वीं जयंती के अवसर पर PMCOE शासकीय तिलक स्नातकोत्तर महाविद्यालय, कटनी में आज नशा मुक्ति शपथ संकल्प सभा एवं संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को नशे के दुष्परिणामों से अवगत कराना एवं उन्हें स्वस्थ तथा नशामुक्त जीवन जीने के लिए प्रेरित करना रहा।

कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. सुनील कुमार वाजपेई ने की उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी एक व्यक्ति भी बल्कि एक विचार के तौर पर हम सबके सामने आते हैं। उन्होंने स्वच्छता और नशा के खिलाफ सामाजिक रूप से कार्य किया और नैतिक रूप से हम सबको इसके खिलाफ खड़ा होने की प्रेरणा दी। नशा एक सामाजिक बुराई है, जिससे केवल व्यक्ति ही नहीं बल्कि पूरा परिवार और समाज प्रभावित होता है। युवाओं को इससे दूर रखने के लिए सामूहिक प्रयास अनिवार्य हैं।

इस अवसर पर महाविद्यालय के सभी प्राध्यापकों, कर्मचारियों एवं छात्र-छात्राओं ने नशामुक्त समाज की शपथ ली। शपथ में यह संकल्प व्यक्त किया गया कि वे स्वयं नशा नहीं करेंगे, न ही किसी को इसके लिए प्रेरित करेंगे तथा समाज में नशा उन्मूलन के लिए जागरूकता फैलाएंगे।

संगोष्ठी के दौरान विज्ञान संकाय के प्रमुख डॉ. एस.के. खरे ने कहा कि – “आजकल लोग नशा को शान समझने लगे है जबकि नशे से व्यक्ति की कार्यक्षमता नष्ट होती है। विद्यार्थी जीवन में इसकी कोई जगह नहीं है। यदि युवा अपने भविष्य को उज्ज्वल बनाना चाहते हैं तो उन्हें नशे से दूर रहना ही होगा।”

भूगोल विभागाध्यक्ष डॉ. व्ही.के. द्विवेदी ने कहा कि – “आज के समय में नशे के रूप और साधन बदल रहे हैं। ऐसे में जागरूकता ही सबसे बड़ा हथियार है। हमें आधुनिक दौर में युवाओं को नई तरह के नशों से सचेत करना होगा।”

डॉ. माधुरी गर्ग ने अपने वक्तव्य में कहा कि – “नशे की सबसे बड़ी मार युवा वर्ग पर पड़ती है, जो राष्ट्र की रीढ़ है। यदि यह वर्ग नशे से ग्रसित होगा तो समाज और राष्ट्र दोनों का भविष्य खतरे में होगा

डॉ. निधि सिंह ने नशा मुक्ति पर कविता पाठ कर वातावरण को प्रेरणादायी बना दिया इस कार्यक्रम में समाजशास्त्र विभाग की डॉ हेमलता गर्ग, अंग्रेजी विभाग से डॉ. उर्मिला दुबे, वनस्पतिशास्त्र की प्रो. ज्योत्सना आठ्या, डॉ. ज्ञानेंद्र मोहन श्रीवास्तव, डॉ. ऋतु त्रिपाठी, डॉ. शैलजा बरसैंया, डॉ. सुशील मिश्रा, आयुष तिवारी एवं अमित चौधरी की गरिमामयी उपस्थिति रही। विद्यार्थियों में करण चौधरी, अनमोल दुबे, दीपक, दुर्गा, लव, कुश, शिवानंद, स्वाति, श्वेता एवं श्रद्धा ने भी अपने विचार साझा किए।

नशा मुक्ति शपथ एवं संगोष्ठी का यह आयोजन महाविद्यालय की सामाजिक उत्तरदायित्व भावना का प्रतीक रहा, जिसे उपस्थित सभी लोगों ने अत्यंत प्रेरणादायक एवं सार्थक बताया।

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